दिल Poetry (page 31)

उस की तस्वीर क्या लगी हुई है

वसीम ताशिफ़

सो जाऊँ पर कैसे सोया जा सकता है

वसीम ताशिफ़

जाने क्यूँ भाई का भाई खुल के दुश्मन हो गया

वसीम मीनाई

वहाँ अब जा के देखें हम से क्या इरशाद करते हैं

वसीम ख़ैराबादी

शरीर तेरी तरह आँख भी तिरी होगी

वसीम ख़ैराबादी

क़तरे गिरे जो कुछ अरक़-ए-इंफ़िआ'ल के

वसीम ख़ैराबादी

फूल अपने वस्फ़ सुनते हैं उस ख़ुश-नसीब से

वसीम ख़ैराबादी

पत्थर नज़र थी वाइ'ज़-ए-ख़ाना-ख़राब की

वसीम ख़ैराबादी

कम सितम करने में क़ातिल से नहीं दिल मेरा

वसीम ख़ैराबादी

जाए आशिक़ की बला हश्र में क्या रक्खा है

वसीम ख़ैराबादी

हम ने उस शोख़ की रानाई क़ामत देखी

वसीम ख़ैराबादी

भर दीं शबाब ने ये उन आँखों में शोख़ियाँ

वसीम ख़ैराबादी

वो ग़म अता किया दिल-ए-दीवाना जल गया

वसीम बरेलवी

तेरी याद

वसीम बरेलवी

वो मुझ को क्या बताना चाहता है

वसीम बरेलवी

उसे समझने का कोई तो रास्ता निकले

वसीम बरेलवी

उदासियों में भी रस्ते निकाल लेता है

वसीम बरेलवी

मोहब्बत ना-समझ होती है समझाना ज़रूरी है

वसीम बरेलवी

मिटे वो दिल जो तिरे ग़म को ले के चल न सके

वसीम बरेलवी

ख़ुशी का साथ मिला भी तो दिल पे बार रहा

वसीम बरेलवी

चलो हम ही पहल कर दें कि हम से बद-गुमाँ क्यूँ हो

वसीम बरेलवी

भला ग़मों से कहाँ हार जाने वाले थे

वसीम बरेलवी

अंधेरा ज़ेहन का सम्त-ए-सफ़र जब खोने लगता है

वसीम बरेलवी

कैसे उस को दिल की हालत समझाऊँ

वसीम अकरम

जब से मैं ने इश्क़ का पैराहन पहना है

वसीम अकरम

लहू लहू सा दिल-ए-दाग़-दार ले के चले

वाक़िफ़ राय बरेलवी

बदले हुए हालात से मायूस न होना

वाक़िफ़ राय बरेलवी

लबों पे शिकवा-ए-अय्याम भी नहीं होता

वक़ार सहर

ख़ुशी दामन-कशाँ है दिल असीर-ए-ग़म है बरसों से

वक़ार मानवी

सलीक़ा बोलने का हो तो बोलो

वक़ार मानवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.