दिल Poetry (page 401)

जब भी गुलशन में चली ठंडी हवा

अब्दुल मन्नान तरज़ी

हर आन नई शान है हर लम्हा नया है

अब्दुल मन्नान तरज़ी

ग़ज़ल में फ़न का जौहर जब दिखाते हैं ग़ज़ल वाले

अब्दुल मन्नान तरज़ी

दिल की पर्वाज़ है ला-मकाँ तक

अब्दुल मन्नान तरज़ी

मेरे घर से उस की यादों के मकीं जाते नहीं

अब्दुल मन्नान समदी

वक़्त अब सर पे वो आया है कि सर याद नहीं

अब्दुल मलिक सोज़

तू जो आबाद है ऐ दोस्त मिरे दिल के क़रीब

अब्दुल मलिक सोज़

मुन्कशिफ़ तल्ख़ी-ए-हालात न होने पाई

अब्दुल मलिक सोज़

कुछ हसीं यादें भी हैं दीदा-ए-नम के साथ साथ

अब्दुल मलिक सोज़

हर मसर्रत से किनारा कर लिया

अब्दुल मलिक सोज़

हर मसर्रत से किनारा कर लिया

अब्दुल मलिक सोज़

तुझे कुछ इश्क़ ओ उल्फ़त के सिवा भी याद है ऐ दिल

अब्दुल मजीद सालिक

नई शमएँ जलाओ आशिक़ी की अंजुमन वालो

अब्दुल मजीद सालिक

मिरे दिल में है कि पूछूँ कभी मुर्शिद-ए-मुग़ाँ से

अब्दुल मजीद सालिक

हाल-ए-दिल सुन के वो आज़ुर्दा हैं शायद उन को

अब्दुल मजीद सालिक

हाल-ए-दिल सुन के वो आज़ुर्दा हैं शायद उन को

अब्दुल मजीद सालिक

मिरे दिल में है कि पूछूँ कभी मुर्शिद-ए-मुग़ाँ से

अब्दुल मजीद सालिक

ख़िरद में मुब्तिला है 'सालिक' दीवाना बरसों से

अब्दुल मजीद सालिक

ग़म के हाथों मिरे दिल पर जो समाँ गुज़रा है

अब्दुल मजीद सालिक

ज़िंदगी छोटी है सामान बहुत

अब्दुल मजीद ख़ाँ मजीद

कहाँ शिकवा ज़माने का पस-ए-दीवार करते हैं

अब्दुल मजीद ख़ाँ मजीद

जाना कहाँ है और कहाँ जा रहे हैं हम

अब्दुल मजीद ख़ाँ मजीद

बेवफ़ा कहिए बा-वफ़ा कहिए

अब्दुल मजीद ख़ाँ मजीद

अब चराग़ों में ज़िंदगी कम है

अब्दुल मजीद ख़ाँ मजीद

सो भी जा ऐ दिल-ए-मजरूह बहुत रात गई

अब्दुल हमीद अदम

हुस्न इक दिलरुबा हुकूमत है

अब्दुल हमीद अदम

हर दिल-फ़रेब चीज़ नज़र का ग़ुबार है

अब्दुल हमीद अदम

और तो दिल को नहीं है कोई तकलीफ़ 'अदम'

अब्दुल हमीद अदम

ज़ख़्म दिल के अगर सिए होते

अब्दुल हमीद अदम

ज़बाँ पर आप का नाम आ रहा था

अब्दुल हमीद अदम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.