दिल Poetry (page 88)

ग़म दिए हैं तो मसर्रत के गुहर भी देना

शम्स रम्ज़ी

ये क्या अंदाज़ हैं दस्त-ए-जुनून-ए-फ़ित्ना-सामाँ के

शम्स इटावी

वजूद-ए-बर्क़ ज़रूरी है गुलिस्ताँ के लिए

शम्स इटावी

ख़लिश हो जिस में वो अरमाँ तलाश करता हूँ

शम्स इटावी

हुस्न की बिजलियाँ अल-अमाँ अल-अमाँ

शम्स इटावी

न कोई अपना ग़म है और न अब कोई ख़ुशी अपनी

शम्स फ़र्रुख़ाबादी

मिली जो दिल को ख़ुशी तो ख़ुशी से घबराए

शम्स फ़र्रुख़ाबादी

मिरे ए'तिमाद को ग़म मिला मिरी जब किसी पे नज़र गई

शम्स फ़र्रुख़ाबादी

किसी के वादा-ए-फ़र्दा में गुम है इंतिज़ार अब भी

शम्स फ़र्रुख़ाबादी

दूर फ़ज़ा में एक परिंदा खोया हुआ उड़ानों में

शम्स फ़र्रुख़ाबादी

जब भी तुम्हारी याद की आहट मुझे मिली

शम्स फ़रीदी

हिचकियाँ लेता हुआ दुनिया से दीवाना चला

शमीम तारिक़

ज़मीं को खींच के मैं सू-ए-आसमाँ ले जाऊँ

शमीम रविश

आँखों में हिज्र चेहरे पे ग़म की शिकन तो है

शमीम रविश

नया आदम

शमीम क़ासमी

मंज़र यूँ था

शमीम क़ासमी

सय्याल तसव्वुर है उबलने की तरह का

शमीम क़ासमी

हम-मर्तबा न समझो रुत्बा मिरा तो जानो

शमीम क़ासमी

फ़ज़ा-ए-नम में सदाओं का शोर हो जाए

शमीम क़ासमी

बुझा है दिल तो न समझो कि बुझ गया ग़म भी

शमीम करहानी

बे-ख़बर फूल को भी खींच के पत्थर पे न मार

शमीम करहानी

रौशनी तेज़ करो

शमीम करहानी

खंडर

शमीम करहानी

ज़ुल्मत-गह-ए-दौराँ में सुब्ह-ए-चमन-ए-दिल हूँ

शमीम करहानी

ज़हर को मय दिल-ए-सद-पारा को मीना न कहो

शमीम करहानी

ज़बाँ को हुक्म ही कहाँ कि दास्तान-ए-ग़म कहें

शमीम करहानी

ये ख़ुशी ग़म-ए-ज़माना का शिकार हो न जाए

शमीम करहानी

याद की सुब्ह ढल गई शौक़ की शाम हो गई

शमीम करहानी

वो जुनूँ के अहद की चाँदनी ये गहन गहन की उदासियाँ

शमीम करहानी

वो दिल भी जलाते हैं रख देते हैं मरहम भी

शमीम करहानी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.