दिल Poetry (page 89)

वहाँ खुले भी तो क्यूँकर बिसात-ए-हिकमत-ओ-फ़न

शमीम करहानी

उन का वादा बदल गया है

शमीम करहानी

शराब ओ शेर के साँचे में ढल के आई है

शमीम करहानी

शम्अ' पर शम्अ' जलाती हुई साथ आती है

शमीम करहानी

समझे है मफ़्हूम नज़र का दिल का इशारा जाने है

शमीम करहानी

सहर को दे के नई निकहत-ए-हयात गई

शमीम करहानी

रखना है तो फूलों को तू रख ले निगाहों में

शमीम करहानी

क़ैद-ए-ग़म-ए-हयात से हम को छुड़ा लिया

शमीम करहानी

पी ले जो लहू दिल का वो इश्क़ की मस्ती है

शमीम करहानी

निकल पड़े हैं सनम रात के शिवाले से

शमीम करहानी

निगार-ए-मह-वश ओ महबूब-ए-लाला-रू की तरह

शमीम करहानी

मुझे दैर से तअल्लुक़ न हरम से आश्नाई

शमीम करहानी

माना कि सई-ए-इश्क़ का अंजाम-कार क्या

शमीम करहानी

ख़ुद कोई चाक-गरेबाँ है रग-ए-जाँ के क़रीब

शमीम करहानी

ख़मोश किस लिए बैठे हो चश्म-ए-तर क्यूँ हो

शमीम करहानी

कौन है दर्द-आश्ना संग-दिली का दौर है

शमीम करहानी

जो मिल गई हैं निगाहें कभी निगाहों से

शमीम करहानी

जश्न-ए-हयात हो चुका जश्न-ए-ममात और है

शमीम करहानी

हुजूम-ए-दर्द में ख़ंदाँ है कौन मेरे सिवा

शमीम करहानी

हमीं थे ऐसे सर-फिरे हमीं थे ऐसे मनचले

शमीम करहानी

ग़म दो आलम का जो मिलता है तो ग़म होता है

शमीम करहानी

गली गली है अंधेरा तो मेरे साथ चलो

शमीम करहानी

फ़ासला तो है मगर कोई फ़ासला नहीं

शमीम करहानी

दर्द-शनास दिल नहीं जल्वा-तलब नज़र नहीं

शमीम करहानी

चमन लहक के रह गया घटा मचल के रह गई

शमीम करहानी

चमन चमन जो ये सुब्ह-ए-बहार की ज़ौ है

शमीम करहानी

बचाओ दामन-ए-दिल ऐसे हम-नशीनों से

शमीम करहानी

अनमोल सही नायाब सही बे-दाम-ओ-दिरम बिक जाते हैं

शमीम करहानी

अगरचे इश्क़ में इक बे-ख़ुदी सी रहती है

शमीम करहानी

तिरा जल्वा निहायत दिल-नशीं है

शमीम जयपुरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.