दुनिया Poetry (page 71)

गुम-शुदा आदमी का इंतिज़ार

चन्द्रभान ख़याल

मंज़िल-ए-इबरत है दुनिया अहल-ए-दुनिया शाद हैं

चकबस्त ब्रिज नारायण

रामायण का एक सीन

चकबस्त ब्रिज नारायण

मर्सिया गोपाल कृष्ण गोखले

चकबस्त ब्रिज नारायण

ज़बाँ को बंद करें या मुझे असीर करें

चकबस्त ब्रिज नारायण

नए झगड़े निराली काविशें ईजाद करते हैं

चकबस्त ब्रिज नारायण

फ़ना का होश आना ज़िंदगी का दर्द-ए-सर जाना

चकबस्त ब्रिज नारायण

दिल किए तस्ख़ीर बख़्शा फ़ैज़-ए-रूहानी मुझे

चकबस्त ब्रिज नारायण

दर्द-ए-दिल पास-ए-वफ़ा जज़्बा-ए-ईमाँ होना

चकबस्त ब्रिज नारायण

अब के बरस भी महका महका ख़्वाब दरीचा लगता है

बुशरा ज़ैदी

मेरे ख़ामोश ख़ुदा

बुशरा एजाज़

पूछते हैं बज़्म में सुन कर वो अफ़्साना मिरा

ब्रहमा नन्द जलीस

देने वाले ये ज़िंदगी दी है

ब्रहमा नन्द जलीस

दास्तान-ए-शमअ' थी या क़िस्सा-ए-परवाना था

ब्रहमा नन्द जलीस

अगर दुश्मन की थोड़ी सी मरम्मत और हो जाती

बूम मेरठी

हैराँ हूँ कि अब लाऊँ कहाँ से मैं ज़बाँ और

बिस्मिल साबरी

कहाँ आया है दीवानों को तेरा कुछ क़रार अब तक

बिस्मिल अज़ीमाबादी

ये कैसी आग अभी ऐ शम्अ तेरे दिल में बाक़ी है

बिस्मिल इलाहाबादी

मिल चुका महफ़िल में अब लुत्फ़-ए-शकेबाई मुझे

बिस्मिल इलाहाबादी

किसी तरह भी किसी से न दिल लगाना था

बिस्मिल इलाहाबादी

जीने वाला ये समझता नहीं सौदाई है

बिस्मिल इलाहाबादी

आज़ार-ओ-जफ़ा-ए-पैहम से उल्फ़त में जिन्हें आराम नहीं

बिस्मिल इलाहाबादी

मोहब्बत नग़्मा भी है साज़ भी है

बिर्ज लाल रअना

एक दुनिया ने तुझे देखा है लेकिन मैं ने

बिमल कृष्ण अश्क

देखने निकला हूँ दुनिया को मगर क्या देखूँ

बिमल कृष्ण अश्क

तुझ जैसा इक आँचल चाहूँ अपने जैसा दामन ढूँडूँ

बिमल कृष्ण अश्क

इतना अच्छा न अगर होता तो हम सा होता

बिमल कृष्ण अश्क

चाँद को रेशमी बादल से उलझता देखूँ

बिमल कृष्ण अश्क

तेरी तो 'बिल्क़ीस' निराली ही बातें हैं

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

नहीं है ख़्वाब दीवाने का हस्ती

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.