घर Poetry (page 104)

कब कहाँ क्या मिरे दिलदार उठा लाएँगे

अता तुराब

तीरगी शम्अ बनी राहगुज़र में आई

अता आबिदी

पस-ए-दीवार हुज्जत किस लिए है

अता आबिदी

सरमाया-दारी

असरार-उल-हक़ मजाज़

साक़ी

असरार-उल-हक़ मजाज़

नौ-जवान ख़ातून से

असरार-उल-हक़ मजाज़

नन्ही पुजारन

असरार-उल-हक़ मजाज़

आज की रात

असरार-उल-हक़ मजाज़

हुस्न को बे-हिजाब होना था

असरार-उल-हक़ मजाज़

तक़द्दुस-ए-मआब

असरार जामई

फ़ख़्र-ए-जाहिलां

असरार जामई

दिल्ली दर्शन

असरार जामई

चमचे की दुआ

असरार जामई

बिजली हुई फ़ेल

असरार जामई

आओ चलें उस खंडर में

असरा रिज़वी

तेरा सूरज आएगा

असलम राशिद

मिरे क़दमों में दुनिया के ख़ज़ाने हैं उठा लूँ क्या

असलम राशिद

पाँव उस के भी नहीं उठते मिरे घर की तरफ़

असलम महमूद

हम दिल से रहे तेज़ हवाओं के मुख़ालिफ़

असलम महमूद

पत्थरों पर वादियों में नक़्श-ए-पा मेरा भी है

असलम महमूद

मैं एक रेत का पैकर था और बिखर भी गया

असलम महमूद

हर रंग-ए-तरब मौसम ओ मंज़र से निकाला

असलम महमूद

अक्स जल जाएँगे आईने बिखर जाएँगे

असलम महमूद

ऐ मिरे ग़ुबार-ए-सर तू ही तो नहीं तन्हा राएगाँ तो मैं भी हूँ

असलम महमूद

जब मैं उस के गाँव से बाहर निकला था

असलम कोलसरी

दयार-ए-हिज्र में ख़ुद को तो अक्सर भूल जाता हूँ

असलम कोलसरी

किसी की याद का साया था या कि झोंका था

असलम हबीब

आँख को अश्क बना के देख

असलम हबीब

कोई मंज़िल नहीं बाक़ी है मुसाफ़िर के लिए

असलम फ़र्रुख़ी

हंगामा-ए-हस्ती से गुज़र क्यूँ नहीं जाते

असलम फ़र्रुख़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.