ग़ज़ल Poetry (page 17)

नवेद-ए-अम्न है बेदाद-ए-दोस्त जाँ के लिए

ग़ालिब

देख कर दर-पर्दा गर्म-ए-दामन-अफ़्शानी मुझे

ग़ालिब

दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ

ग़ालिब

आमद-ए-ख़त से हुआ है सर्द जो बाज़ार-ए-दोस्त

ग़ालिब

लम्हा गुज़र गया है कि अर्सा गुज़र गया

गौतम राजऋषि

ये सहरा-ए-तलब या बेशा-ए-आशुफ़्ता-हाली है

गौहर होशियारपुरी

मैं ख़ुद ही ख़ूगर-ए-ख़लिश-ए-जुस्तुजू न था

गौहर होशियारपुरी

है जो भी जज़ा सज़ा अता हो

गौहर होशियारपुरी

'दाग़' के शेर जवानी में भले लगते हैं

गणेश बिहारी तर्ज़

अर्ज़-ए-दकन में जान तो दिल्ली में दिल बनी

गणेश बिहारी तर्ज़

साँसों की जल-तरंग पर नग़्मा-ए-इश्क़ गाए जा

गणेश बिहारी तर्ज़

रह-ए-इश्क़ में ग़म-ए-ज़िंदगी की भी ज़िंदगी सफ़री रही

गणेश बिहारी तर्ज़

कितने जुमले हैं कि जो रू-पोश हैं यारों के बीच

गणेश बिहारी तर्ज़

आख़िर चराग़-ए-दर्द-ए-मोहब्बत बुझा दिया

फ़ुज़ैल जाफ़री

ये जो दुश्मन ग़म-ए-निहानी है

फ्रांस गॉड्लिब क्वीन फ़्रेस्को

सुना तो है कि कभी बे-नियाज़-ए-ग़म थी हयात

फ़िराक़ गोरखपुरी

कोई पैग़ाम-ए-मोहब्बत लब-ए-एजाज़ तो दे

फ़िराक़ गोरखपुरी

अब अक्सर चुप चुप से रहें हैं यूँही कभू लब खोलें हैं

फ़िराक़ गोरखपुरी

ग़म-ए-दौराँ में कहाँ बात ग़म-ए-जानाँ की

फ़ज़्ल अहमद करीम फ़ज़ली

ग़मों से खेलते रहना कोई हँसी भी नहीं

फ़ज़्ल अहमद करीम फ़ज़ली

बहार आई गुल-अफ़्शानी के दिन हैं

फ़ज़्ल अहमद करीम फ़ज़ली

हम ने किसी की याद में अक्सर शराब पी

फ़ाज़िल जमीली

अब मुनासिब नहीं हम-अस्र ग़ज़ल को यारो

फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी

आह को बाद-ए-सबा दर्द को ख़ुशबू लिखना

फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी

घर की मुश्किल कोई हल चाहती है

फ़े सीन एजाज़

क्या बात थी कि उस को सँवरने नहीं दिया

फ़ातिमा वसीया जायसी

बादशाह-ए-वक़्त कोई और कोई मजबूर क्यूँ

फ़ातिमा वसीया जायसी

कुछ नया करने की ख़्वाहिश में पुराने हो गए

फ़सीह अकमल

इस तमाशे का सबब वर्ना कहाँ बाक़ी है

फ़रियाद आज़र

पूरे क़द से मैं खड़ा हूँ सामने आएगा क्या

फ़ारूक़ नाज़की

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.