गुबार Poetry (page 6)

समुंदरों में अगर ख़लफ़िशार-ए-आब न हो

शाहिद मीर

ब-हर्फ़-ए-सूरत इंकार तोड़ दी मैं ने

शाहिद कमाल

फिर उसी शोख़ की तस्वीर उतर आई है

शाहिद इश्क़ी

लज़्ज़त-ए-संग न पूछो लोगो उम्र अगर हाथ आए फिर

शाहिद इश्क़ी

मोहब्बत मुझ से कहती थी ज़रा होश्यार दामन से

शाहिद भोपाली

जारी थी अभी दुआ हमारी

शाहीन अब्बास

हम रह गए हमारा ख़लल क्यूँ नहीं रहा

शाहीन अब्बास

मिस्मार हूँ कि ख़ुद को उठाने लगा था मैं

शहाब सफ़दर

मैं ही मैं बिखरा हुआ हूँ राह-ता-मंज़िल तमाम

शहाब जाफ़री

क्यूँ न कहें बशर को हम आतिश-ओ-आब ओ ख़ाक-ओ-बाद

शाह नसीर

कोई दम थमता नहीं बारान-ए-अश्क

शाह आसिम

है अयाँ रू-ए-यार आँखों में

शाह आसिम

शक़ आफ़ियत-कनार किनारे को कर गई

शफ़क़त तनवीर मिर्ज़ा

सदियों तुम्हारी याद में शमएँ जलाएँगे

शफ़क़त तनवीर मिर्ज़ा

ऐसी नींद आई कि फिर मौत को प्यार आ ही गया

शफ़ीक़ जौनपुरी

सरों पे साया ग़ुबार-ए-सफ़र के जैसा है

शफ़क़ सुपुरी

नज़रों से गुलों की नौ-निहालो

शाद लखनवी

क्या ये बुत बैठेंगे ख़ुदा बन कर

शाद लखनवी

जी जाऊँ जो बंद नातिक़ा हो

शाद लखनवी

तेरी ज़ुल्फ़ें ग़ैर अगर सुलझाएगा

शाद अज़ीमाबादी

न दिल अपना न ग़म अपना न कोई ग़म-गुसार अपना

शाद अज़ीमाबादी

उम्मीद के उफ़ुक़ से न उट्ठा ग़ुबार तक

शानुल हक़ हक़्क़ी

है अब की फ़स्ल में रंग बहार और ही कुछ

शानुल हक़ हक़्क़ी

मुरत्तब हो के इक महशर ग़ुबार-ए-दिल से निकलेगा

सीमाब अकबराबादी

महफ़िल-ए-दोस्त में गो सीना-फ़िगार आए हैं

सय्यद एहतिशाम हुसैन

जिस दम वो सनम सवार होवे

मोहम्मद रफ़ी सौदा

दामन सबा न छू सके जिस शह-सवार का

मोहम्मद रफ़ी सौदा

ऐ दीदा ख़ानुमाँ तू हमारा डुबो सका

मोहम्मद रफ़ी सौदा

कभी सराब करेगा कभी ग़ुबार करेगा

सऊद उस्मानी

हर एक लम्हा-ए-मौजूद इंतिज़ार में था

सऊद उस्मानी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.