हाथ Poetry (page 23)

जब तलक चर्ब न जूँ शम्-ए-ज़बाँ कीजिएगा

शाह नसीर

हुआ अश्क-ए-गुलगूँ बहार-ए-गरेबाँ

शाह नसीर

इक क़ाफ़िला है बिन तिरे हम-राह सफ़र में

शाह नसीर

दिल में है क्या जानिए किस का ख़याल-ए-नक़्श-ए-पा

शाह नसीर

देख तू यार-ए-बादा-कश! मैं ने भी काम क्या किया

शाह नसीर

चश्म में कब अश्क भर लाते हैं हम

शाह नसीर

बे-सबब हाथ कटारी को लगाना क्या था

शाह नसीर

जूँ क़दम यार ने घर से मिरे दर पर रक्खा

शाह कमालउद्दीन कमाल

मुझे साक़ी-ए-चश्म-ए-यार ने अजब एक जाम पिला दिया

शाह आसिम

लश्कर-ए-इश्क़ आ पड़ा है मुल्क-ए-दिल पर टूट टूट

शाह आसिम

ऐन मुमकिन है किसी रोज़ क़यामत कर दें

शगुफ़्ता अल्ताफ़

सदियों तुम्हारी याद में शमएँ जलाएँगे

शफ़क़त तनवीर मिर्ज़ा

उम्र भर डोलती यादों की ज़िया से खेले

शफ़क़त बटालवी

दुश्मनी लर्ज़ां है यारो दोस्ती के सामने

शफ़ीउल्लाह राज़

वो जिन की छाँव में पले बड़े हुए

शफ़ीक़ सलीमी

तीर ख़त्म हैं तो क्या हाथ में कमाँ रखना

शफ़ीक़ सलीमी

किसी के हाथ पर तहरीर होना

शफ़ीक़ सलीमी

इन बला की आँधियों में इक शजर बाक़ी रहे

शफ़ीक़ सलीमी

आँखों से मअ'नी-ए-सुख़न-ए-मीर देखते

शफ़क़ सुपुरी

ज़बाँ ख़मोश रहे तर्क-ए-मुद्दआ न करे

शायर फतहपुरी

हम उन से कर गए हैं किनारा कभी कभी

शादाँ इंदौरी

वो मय-परस्त हूँ बदली न जब नज़र आई

शाद लखनवी

शगुफ़्ता होते ही मुरझा गई कली अफ़सोस

शाद लखनवी

मैं वो बे-चारा हूँ जिस से बे-कसी मानूस है

शाद लखनवी

लुंज वो पा-ए-तलब हूँ कहीं जा ही न सकूँ

शाद लखनवी

ख़त देखिए दीदार की सूझी ये नई है

शाद लखनवी

जी जाऊँ जो बंद नातिक़ा हो

शाद लखनवी

गले लिपटे हैं वो बिजली के डर से

शाद लखनवी

दिल की कहूँ या कहूँ जिगर की

शाद लखनवी

देख कर रू-ए-सनम को न बहल जाऊँगा

शाद लखनवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.