प्रेम Poetry (page 75)

हुआ जब सामना उस ख़ूब-रू से

दाग़ देहलवी

हाथ निकले अपने दोनों काम के

दाग़ देहलवी

ग़ज़ब किया तिरे वअ'दे पे ए'तिबार किया

दाग़ देहलवी

फ़लक देता है जिन को ऐश उन को ग़म भी होते हैं

दाग़ देहलवी

दिल-ए-नाकाम के हैं काम ख़राब

दाग़ देहलवी

दिल परेशान हुआ जाता है

दाग़ देहलवी

दिल मुब्तला-ए-लज़्ज़त-ए-आज़ार ही रहा

दाग़ देहलवी

दिल को क्या हो गया ख़ुदा जाने

दाग़ देहलवी

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें

दाग़ देहलवी

बुतान-ए-माहवश उजड़ी हुई मंज़िल में रहते हैं

दाग़ देहलवी

बाक़ी जहाँ में क़ैस न फ़रहाद रह गया

दाग़ देहलवी

अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता

दाग़ देहलवी

अभी हमारी मोहब्बत किसी को क्या मालूम

दाग़ देहलवी

चेहरे पे नूर-ए-सुब्ह सियह गेसुओं में रात

दाएम ग़व्वासी

खुलती है चाँदनी जहाँ वो कोई बाम और है

डी. राज कँवल

दोनों की आरज़ू में चमक बरक़रार है

चित्रांश खरे

इक इश्क़ का ग़म आफ़त और उस पे ये दिल आफ़त

चराग़ हसन हसरत

ये मायूसी कहीं वज्ह-ए-सुकून-ए-दिल न बन जाए

चराग़ हसन हसरत

या-रब ग़म-ए-हिज्राँ में इतना तो किया होता

चराग़ हसन हसरत

जब से तेरा करम है बंदा-नवाज़

चराग़ हसन हसरत

फ़ज़ा-ए-ना-उमीदी में उमीद-अफ़ज़ा पयाम आया

चरख़ चिन्योटी

बे-ख़ुदी में है न वो पी कर सँभल जाने में है

चरख़ चिन्योटी

फ़ज़ा-ए-आदमियत को सँवरने ही नहीं देते

चरण सिंह बशर

मर्सिया गोपाल कृष्ण गोखले

चकबस्त ब्रिज नारायण

जब राख से उट्ठेगा कभी इश्क़ का शोला

बुशरा एजाज़

दिल में है तलब और दुआ और तरह की

बुशरा एजाज़

पास होने का इशारा मिल गया

बबल्स होरा सबा

पूछते हैं बज़्म में सुन कर वो अफ़्साना मिरा

ब्रहमा नन्द जलीस

दास्तान-ए-शमअ' थी या क़िस्सा-ए-परवाना था

ब्रहमा नन्द जलीस

अल्लाह अल्लाह वस्ल की शब इस क़दर ए'जाज़ है

बूम मेरठी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.