प्रेम Poetry (page 74)

क़ैद-ए-ग़म-ए-हयात से अहल-ए-जहाँ मफ़र नहीं

दर्शन सिंह

जब आदमी मुद्दआ-ए-हक़ है तो क्या कहें मुद्दआ' कहाँ है

दर्शन सिंह

इस राह में आते हैं बयाबाँ भी चमन भी

दर्शन सिंह

गुलों पे ख़ाक-ए-मेहन के सिवा कुछ और नहीं

दर्शन सिंह

चश्म-ए-बीना हो तो क़ैद-ए-हरम-ओ-तूर नहीं

दर्शन सिंह

अज़िय्यत मुसीबत मलामत बलाएँ

ख़्वाजा मीर 'दर्द'

तुझी को जो याँ जल्वा-फ़रमा न देखा

ख़्वाजा मीर 'दर्द'

अर्ज़-ओ-समा कहाँ तिरी वुसअ'त को पा सके

ख़्वाजा मीर 'दर्द'

न वो ताएरों का जमघट न वो शाख़-ए-आशियाना

दानिश फ़राही

किस क़दर इज़्तिराब है यारो

दानिश फ़राही

क्या ख़बर थी मुन्हरिफ़ अहल-ए-जहाँ हो जाएँगे

दानिश अलीगढ़ी

ठोकर भी राह-ए-इश्क़ में खानी ज़रूर है

दाग़ देहलवी

लज़्ज़त-ए-इश्क़ इलाही मिट जाए

दाग़ देहलवी

इफ़्शा-ए-राज़-ए-इश्क़ में गो ज़िल्लतें हुईं

दाग़ देहलवी

ज़ाहिद न कह बुरी कि ये मस्ताने आदमी हैं

दाग़ देहलवी

ये बात बात में क्या नाज़ुकी निकलती है

दाग़ देहलवी

उज़्र उन की ज़बान से निकला

दाग़ देहलवी

साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें

दाग़ देहलवी

क़रीने से अजब आरास्ता क़ातिल की महफ़िल है

दाग़ देहलवी

पुकारती है ख़मोशी मिरी फ़ुग़ाँ की तरह

दाग़ देहलवी

ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए

दाग़ देहलवी

मुझ सा न दे ज़माने को परवरदिगार दिल

दाग़ देहलवी

मोहब्बत में आराम सब चाहते हैं

दाग़ देहलवी

मिन्नतों से भी न वो हूर-शमाइल आया

दाग़ देहलवी

मज़े इश्क़ के कुछ वही जानते हैं

दाग़ देहलवी

लुत्फ़ वो इश्क़ में पाए हैं कि जी जानता है

दाग़ देहलवी

कुछ लाग कुछ लगाव मोहब्बत में चाहिए

दाग़ देहलवी

खुलता नहीं है राज़ हमारे बयान से

दाग़ देहलवी

ख़ातिर से या लिहाज़ से मैं मान तो गया

दाग़ देहलवी

काबे की है हवस कभी कू-ए-बुताँ की है

दाग़ देहलवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.