काम Poetry (page 17)

दिल इश्क़-ए-ख़ुश-क़दाँ में जो ख़्वाहान-ए-नाला था

शाह नसीर

देख तू यार-ए-बादा-कश! मैं ने भी काम क्या किया

शाह नसीर

चश्म में कब अश्क भर लाते हैं हम

शाह नसीर

बे-मेहर-ओ-वफ़ा है वो दिल-आराम हमारा

शाह नसीर

सुब्हा से है न काम न ज़ुन्नार से ग़रज़

शाह आसिम

है दिल को मेरे आरिज़-ए-जानाँ से इर्तिबात

शाह आसिम

बंदा-ए-इश्क़ हूँ जुज़ यार मुझे काम नहीं

शाह आसिम

आशिक़-ए-ज़ार हूँ जुज़ इश्क़ मुझे काम नहीं

शाह आसिम

क़फ़स में रह के गुल-ओ-नस्तरन की बात करो

शाग़िल क़ादरी

ख़ल्क़-ए-ख़ुदा है शाह की मुख़्बर लगी हुई

शफ़ीक़ सलीमी

सर-ए-तस्लीम ख़म करना पड़ा तक़्सीर से पहले

शायर फतहपुरी

आदतन मायूस अब तो शाम है

शादाब उल्फ़त

जो बीच में आइना हो प्यारे इधर हमारे उधर तुम्हारे

शाद लखनवी

तिरा आस्ताँ जो न मिल सका तिरी रहगुज़र की ज़मीं सही

शाद अज़ीमाबादी

तेरी ज़ुल्फ़ें ग़ैर अगर सुलझाएगा

शाद अज़ीमाबादी

हरगिज़ कभी किसी से न रखना दिला ग़रज़

शाद अज़ीमाबादी

ऐ बुत जफ़ा से अपनी लिया कर वफ़ा का काम

शाद अज़ीमाबादी

अगर मरते हुए लब पर न तेरा नाम आएगा

शाद अज़ीमाबादी

अब भी इक उम्र पे जीने का न अंदाज़ आया

शाद अज़ीमाबादी

वहाँ भी ज़हर-ज़बाँ काम कर गया होगा

शबनम शकील

हाथ न आई दुनिया भी और इश्क़ में भी गुमनाम रहे

शबनम शकील

दूर हुआ इबहाम कहानी ख़त्म हुई

शबनम शकील

बे-वजह तहफ़्फ़ुज़ की ज़रूरत भी नहीं है

शबनम शकील

बदल चुकी है हर इक याद अपनी सूरत भी

शबनम शकील

नज़्म

शबनम अशाई

मैं भी रौशन दिमाग़ रखता हूँ

शब्बीर नकिद

लौट आएगा किसी शाम यही लगता है

शबाना यूसुफ़

बरतर समाज से कोई फ़नकार भी नहीं

शबाब ललित

नफ़स नफ़स पे नया सोज़-ए-आगही रखना

शायर लखनवी

शॉफ़र

शाद आरफ़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.