काम Poetry (page 15)

कशिश से दिल की उस अबरू कमाँ को हम रखा बहला

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

जुम्बिश-ए-दिल नहीं बेजा तू किधर भूला है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

इश्क़ के शहर की कुछ आब-ओ-हवा और ही है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

हम को कब इंतिज़ार है फ़स्ल-ए-बहार हो न हो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

गज़क की इस क़दर ऐ मस्त तुझ को क्या शिताबी है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

दहन है तंग शकर और शकर तिरा है कलाम

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

औक़ात-ए-शैख़ गो कि सुजूद ओ क़याम है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आब-ए-हयात जा के किसू ने पिया तो क्या

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

दुनिया अपनी मौत जल्द-अज़-जल्द मर जाने को है

शहज़ाद अंजुम बुरहानी

दुनिया अपनी मौत जल्द-अज़-जल्द मर जाने को है

शहज़ाद अंजुम बुरहानी

रहने दिया न उस ने किसी काम का मुझे

शहज़ाद अहमद

सूरज की किरन देख के बेज़ार हुए हो

शहज़ाद अहमद

रुख़्सत हुआ तो आँख मिला कर नहीं गया

शहज़ाद अहमद

न बस्तियों को अज़ीज़ रक्खें न हम बयाबाँ से लौ लगाएँ

शहज़ाद अहमद

इबलीस भी रख लेते हैं जब नाम फ़रिश्ते

शहज़ाद अहमद

काग़ज़ की कश्तियाँ भी बहुत काम आएँगी

शहरयार

अब तो ले दे के यही काम है इन आँखों का

शहरयार

अब रात की दीवार को ढाना है ज़रूरी

शहरयार

सैगंधी

शहरयार

एक और साल गिरह

शहरयार

अजीब काम

शहरयार

जो चाहती दुनिया है वो मुझ से नहीं होगा

शहरयार

हवा का ज़ोर ही काफ़ी बहाना होता है

शहरयार

अक्स को क़ैद कि परछाईं को ज़ंजीर करें

शहरयार

महसूर था

शहराम सर्मदी

ख़ला सा कहीं है

शहराम सर्मदी

जो इस बरस नहीं अगले बरस में दे दे तू

शहराम सर्मदी

आदाब ज़िंदगी से बहुत दूर हो गया

शहूद आलम आफ़ाक़ी

निज़ाम-ए-शम्सी

शहनाज़ नबी

सभी रास्ते तिरे नाम के सभी फ़ासले तिरे नाम के

शहनवाज़ ज़ैदी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.