दृश्य Poetry (page 30)

वर्ना तो हम मंज़र और पस-मंज़र में उलझे रहते

भारत भूषण पन्त

सब ने होंटों से लगा कर तोड़ डाला है मुझे

भारत भूषण पन्त

किसी भी सम्त निकलूँ मेरा पीछा रोज़ होता है

भारत भूषण पन्त

कहीं जैसे मैं कोई चीज़ रख कर भूल जाता हूँ

भारत भूषण पन्त

कब तलक चलना है यूँ ही हम-सफ़र से बात कर

भारत भूषण पन्त

आईने से पर्दा कर के देखा जाए

भारत भूषण पन्त

नए ज़माने में अब ये कमाल होने लगा

बेकल उत्साही

मेरे रोने पर किसी की चश्म गिर्यां हाए हाए

बासित भोपाली

चराग़ उस ने बुझा भी दिया जला भी दिया

बशीरुद्दीन अहमद देहलवी

चराग़ उस ने बुझा भी दिया जला भी दिया

बशीरुद्दीन अहमद देहलवी

भूला-बिसरा ख़्वाब हुए हम

बशीर सैफ़ी

लोगो हम छान चुके जा के समुंदर सारे

बशीर फ़ारूक़ी

उदास रात है कोई तो ख़्वाब दे जाओ

बशीर बद्र

दिल में इक तस्वीर छुपी थी आन बसी है आँखों में

बशीर बद्र

भीगी हुई आँखों का ये मंज़र न मिलेगा

बशीर बद्र

सोए हुए जज़्बों को जगा कर फिर वो शाम न आई

बशीर मुंज़िर

सर पे इक साएबाँ तो रहने दे

बशीर मुंज़िर

क्या बिछड़ कर रह गया जाने भरी बरसात में

बशीर मुंज़िर

इन चटख़्ते पत्थरों पर पाँव धरना ध्यान से

बशीर अहमद बशीर

इक बे-सबात अक्स बना बे-निशाँ गया

बशीर अहमद बशीर

मुझे जीना नहीं आता

बशर नवाज़

सारे मंज़र फ़ुसूँ तमाशा हैं

बशर नवाज़

हर नई रुत में नया होता है मंज़र मेरा

बशर नवाज़

घटती बढ़ती रौशनियों ने मुझे समझा नहीं

बशर नवाज़

दिल के हर दर्द ने अशआ'र में ढलना चाहा

बशर नवाज़

बहुत था ख़ौफ़ जिस का फिर वही क़िस्सा निकल आया

बशर नवाज़

रेत और दर्द

बाक़र मेहदी

नई जुस्तुजू का अलमिया

बाक़र मेहदी

कम कम रहना ग़म के सुर्ख़ जज़ीरों में

बक़ा बलूच

दीवारें

बलराज कोमल

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.