दृश्य Poetry (page 36)

जिस को समझे थे तवंगर वो गदागर निकला

अनीस अंसारी

कहा झुँझला के अहल-ए-क़ाफ़िला से एक रहबर ने

अम्न लख़नवी

एक कमरा-ए-इम्तिहान में

अमजद इस्लाम अमजद

ऐ वक़्त ज़रा थम जा

अमजद इस्लाम अमजद

आबला

अमजद इस्लाम अमजद

ज़िंदगानी जावेदानी भी नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

शाम ढले जब बस्ती वाले लौट के घर को आते हैं

अमजद इस्लाम अमजद

सदियाँ जिन में ज़िंदा हों वो सच भी मरने लगते हैं

अमजद इस्लाम अमजद

कान लगा कर सुनती रातें बातें करते दिन

अमजद इस्लाम अमजद

जो दिन था एक मुसीबत तो रात भारी थी

अमजद इस्लाम अमजद

बस्तियों में इक सदा-ए-बे-सदा रह जाएगी

अमजद इस्लाम अमजद

जब जज़्बा इक बार जिगर में आता है

अमित शर्मा मीत

ख़ुदा की कौन सी है राह बेहतर जानता है

अमित अहद

शब को जब यूरिश-ए-विज्दान में आ जाते हैं

आमिर नज़र

खुला है तेरे बदन का भी इस्तिआरा कुछ

आमिर नज़र

ख़ेमा-ए-जाँ को जो देखूँ तो शरर-बार लगे

आमिर नज़र

ख़ामोशियों को आलम-ए-अस्वात पर कभी

आमिर नज़र

दश्त के खेमा-ए-दरिया में मकीं कोई था

आमिर नज़र

चश्म-ए-बे-कैफ़ में कारिंदा-ए-मंज़र न रहा

आमिर नज़र

हज़ारों मंज़िलें फिर भी मिरी मंज़िल है तू ही तू

अमीता परसुराम 'मीता'

नज़र आने से पहले डर रहा हूँ

अमीर क़ज़लबाश

न पूछ मंज़र-ए-शाम-ओ-सहर पे क्या गुज़री

अमीर क़ज़लबाश

ख़ौफ़ बन कर ये ख़याल आता है अक्सर मुझ को

अमीर क़ज़लबाश

इन सराबों से गुज़रने दे मुझे

अमीर क़ज़लबाश

हाँ ये तौफ़ीक़ कभी मुझ को ख़ुदा देता था

अमीर क़ज़लबाश

दर्द का शहर कहीं कर्ब का सहरा होगा

अमीर क़ज़लबाश

दामन पे लहू हाथ में ख़ंजर न मिलेगा

अमीर क़ज़लबाश

बंद आँखों से वो मंज़र देखूँ

अमीर क़ज़लबाश

आँखें खुली हुई हैं तो मंज़र भी आएगा

अमीर क़ज़लबाश

हर एक शाम का मंज़र धुआँ उगलने लगा

अमीर इमाम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.