रंग Poetry (page 35)

उर्दू-ए-मुअ'ल्ला

सफ़ी लखनवी

वो आलम है कि मुँह फेरे हुए आलम निकलता है

सफ़ी लखनवी

वो आलम है कि मुँह फेरे हुए आलम निकलता है

सफ़ी लखनवी

तालिब-ए-दीद पे आँच आए ये मंज़ूर नहीं

सफ़ी लखनवी

मुसव्विर अपने तसव्वुर का ढूँढता है दवाम

सईदुल ज़फर चुग़ताई

कटी पहाड़ी

सईदुद्दीन

दोस्त बन बन के मिले मुझ को मिटाने वाले

सईद राही

शाम के आसार गीले हैं बहुत

सईद क़ैस

नज़र में रंग समाए हुए उसी के हैं

सईद क़ैस

ख़ुदी मेरा पता देती है अब भी

सईद आरिफ़ी

बे-सबब ठीक नहीं घर से निकल कर जाना

सईद आरिफ़ी

सफ़र ला सफ़र

सईद अहमद

नहीं मा'लूम जीने का हुनर कैसा रखा है

सादिया सफ़दर सादी

वो जिस का रंग सलोना है बादलों की तरह

सादिक़ नसीम

उदास उदास सर-ए-साग़र-ओ-सुबू भी मैं

सादिक़ नसीम

किस मुँह से ज़िंदगी को वो रख़्शंदा कह सकें

सादिक़ नसीम

'बेदिल' का तख़य्युल हूँ न ग़ालिब की नवा हूँ

सादिक़ नसीम

अज़मत-ए-फ़िक्र के अंदाज़ अयाँ भी होंगे

सादिक़ नसीम

अल्फ़ाज़ की विलादत

सादिक़

वो एक चेहरा जो उस से गुरेज़ कर जाता

सादिक़

वो तो ख़ुश्बू है हर इक सम्त बिखरना है उसे

सदा अम्बालवी

ठहरे भी नहीं हैं कहीं चलते भी नहीं हैं

सचिन शालिनी

वो क्यूँ न रूठता मैं ने भी तो ख़ता की थी

साबिर ज़फ़र

वाक़िफ़ ख़ुद अपनी चश्म-ए-गुरेज़ाँ से कौन है

साबिर ज़फ़र

सितारे सो गए तो आसमाँ कैसा लगेगा

साबिर ज़फ़र

मिसाल-ए-संग पड़ा कब तक इंतिज़ार करूँ

साबिर ज़फ़र

किसी तौर हो न पिन्हाँ तिरा रंग-ए-रू-सियाही

साबिर ज़फ़र

ख़िज़ाँ की रुत है जनम-दिन है और धुआँ और फूल

साबिर ज़फ़र

दिन को मिस्मार हुए रात को तामीर हुए

साबिर ज़फ़र

ये उम्र भर का सफ़र है इसी सहारे पर

साबिर वसीम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.