सबसे Poetry (page 16)

वो रंग-रूप मसाफ़त की धूल चाट गई

तौक़ीर रज़ा

आ गई धूप मिरी छाँव के पीछे पीछे

तौक़ीर रज़ा

थकन की तल्ख़ियों को अरमुग़ाँ अनमोल देती है

ताैफ़ीक़ साग़र

फ़क़ीरों का चलन यूँ जिस्म के अंदर महकता है

ताैफ़ीक़ साग़र

तू क्यूँ पास से उठ चला बैठे बैठे

मीर तस्कीन देहलवी

लगा के ग़ोता समुंदर में तुम गुहर ढूँडो

तासीर सिद्दीक़ी

मेरा ग़म सारी काएनात का ग़म

तारिक़ राशीद दरवेश

बाक़ी सब कुछ फ़ानी है

तारिक़ राशीद दरवेश

अच्छे लगोगे और भी इतना किया करो

तारिक़ राशीद दरवेश

वो लोग भी तो किनारों पे आ के डूब गए

तारिक़ क़मर

लहु लहु आँखें

तारिक़ क़मर

ख़िज़ाँ-नसीबों पे बैन करती हुई हवाएँ

तारिक़ क़मर

जितने अल्फ़ाज़ हैं सब कहे जा चुके

तारिक़ क़मर

जौन-एलिया से आख़री मुलाक़ात

तारिक़ क़मर

हवा रुकी है तो रक़्स-ए-शरर भी ख़त्म हुआ

तारिक़ क़मर

सारे ज़ख़्मों को ज़बाँ मिल गई ग़म बोलते हैं

तारिक़ क़मर

नज़र नज़र से मिला कर कलाम कर आया

तारिक़ क़मर

बड़ी हवेली के तक़्सीम जब उजाले हुए

तारिक़ क़मर

अजीब दर्द का रिश्ता था सब के सब रोए

तारिक़ नईम

अजीब दर्द का रिश्ता था सब के सब रोए

तारिक़ नईम

ऐसी तक़्सीम की सूरत निकल आई घर में

तारिक़ नईम

दश्त में जो भी है जैसा मिरा देखा हुआ है

तनवीर सामानी

मैं रख देती हूँ तुम्हारा नाम फ़ोटोग्राफ़र

तनवीर अंजुम

मैं अपनी नज़्में वापस लेने को तय्यार हूँ

तनवीर अंजुम

जब सितारा थक गया

तनवीर अंजुम

हमें वो क्यूँ याद आ रहे हैं

तनवीर अंजुम

आज़ादी से नींदों तक

तनवीर अंजुम

आख़िरी कील

तनवीर अंजुम

आग की कहानियाँ

तनवीर अंजुम

शहरों के सारे जंगल गुंजान हो गए हैं

तनवीर अंजुम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.