रेगिस्तान Poetry (page 33)

मैं वफ़ा का सौदागर

अज़ीज़ क़ैसी

मुसाफ़िरों से कहो अपनी प्यास बाँध रखें

अज़ीज़ नबील

सुब्ह-सवेरे ख़ुशबू पनघट जाएगी

अज़ीज़ नबील

मोजज़े का दर खुला और इक असा रौशन हुआ

अज़ीज़ नबील

मैं दस्तरस से तुम्हारी निकल भी सकता हूँ

अज़ीज़ नबील

कुछ देर तो दुनिया मिरे पहलू में खड़ी थी

अज़ीज़ नबील

ख़याल-ओ-ख़्वाब का सारा धुआँ उतर चुका है

अज़ीज़ नबील

ख़ाक चेहरे पे मल रहा हूँ मैं

अज़ीज़ नबील

दश्त-ओ-सहरा में समुंदर में सफ़र है मेरा

अज़ीज़ नबील

लज़्ज़त-ए-ग़म

अज़ीज़ लखनवी

दिल ठिकाने हो तो सब कुछ है अज़ीज़

अज़ीज़ हैदराबादी

लिखी हुई जो तबाही है उस से क्या जाता

अज़ीज़ हामिद मदनी

हिकायत-ए-हुस्न-ए-यार लिखना हदीस-ए-मीना-ओ-जाम कहना

अज़ीज़ हामिद मदनी

एक-आध हरीफ़-ए-ग़म-ए-दुनिया भी नहीं था

अज़ीज़ हामिद मदनी

आप भी रेत का मल्बूस पहन कर देखें

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

कुछ ज़िंदगी में इश्क़-ओ-वफ़ा का हुनर भी रख

अज़ीज़ अन्सारी

एक इक साँस में सदियों का सफ़र काटते हैं

अज़हर नक़वी

मैं महल रेत के सहरा में बनाने बैठा

अज़हर नैयर

हर एक राह में इम्कान-ए-हादिसा है अभी

अज़हर नैयर

हर एक सम्त यहाँ वहशतों का मस्कन है

अज़हर इक़बाल

तुम्हारी याद के दीपक भी अब जलाना क्या

अज़हर इक़बाल

रंगतें मासूम चेहरों की बुझा दी जाएँगी

अज़हर इनायती

हमेशा वाहिद-ए-यकता बयाँ से गुज़रा है

अज़हर हाश्मी

जगह फूलों की रखते हैं घना साया बनाते हैं

अज़हर अदीब

दर-ओ-दीवार से डर लग रहा था

अज़हर अदीब

दरीचों में चराग़ों की कमी महसूस होती है

अज़हर अदीब

मैं सोचता हूँ सबक़ मैं ने वो पढ़ा ही नहीं

अज़ीज़ परीहारी

आसमाँ एक सुलगता हुआ सहरा है जहाँ

आज़ाद गुलाटी

सरहद-ए-जिस्म से बाहर कहीं घर लिक्खा था

आज़ाद गुलाटी

सरहद-ए-जिस्म से बाहर कहीं घर लिक्खा था

आज़ाद गुलाटी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.