रात Poetry (page 70)

नहीं दुनिया में आज़ादी किसी को

बहराम जी

किया है संदलीं-रंगों ने दर बंद

बहराम जी

दूर हो दर्द-ए-दिल ये और दर्द-ए-जिगर किसी तरह

बहराम जी

याँ ख़ाक का बिस्तर है गले में कफ़नी है

ज़फ़र

वो सौ सौ अठखटों से घर से बाहर दो क़दम निकले

ज़फ़र

शाने की हर ज़बाँ से सुने कोई लाफ़-ए-ज़ुल्फ़

ज़फ़र

निबाह बात का उस हीला-गर से कुछ न हुआ

ज़फ़र

नहीं इश्क़ में इस का तो रंज हमें कि क़रार ओ शकेब ज़रा न रहा

ज़फ़र

मर गए ऐ वाह उन की नाज़-बरदारी में हम

ज़फ़र

क्यूँकि हम दुनिया में आए कुछ सबब खुलता नहीं

ज़फ़र

हम ये तो नहीं कहते कि ग़म कह नहीं सकते

ज़फ़र

क़दमों से इतना दूर किनारा कभी न था

बद्र-ए-आलम ख़लिश

निशान-ए-ज़ख़्म पे निश्तर-ज़नी जो होने लगी

बद्र-ए-आलम ख़लिश

चुप थे जो बुत सवाल ब-लब बोलने लगे

बद्र-ए-आलम ख़लिश

ज़ेहन और दिल में जो रहती है चुभन खुल जाए

बद्र वास्ती

धानी सुरमई सब्ज़ गुलाबी जैसे माँ का आँचल शाम

बद्र वास्ती

चराग़ों में अँधेरा है अँधेरे में उजाले हैं

बद्र वास्ती

बुरा हो कर भी वो अच्छा बहुत है

बद्र वास्ती

रौशनी ही रौशनी है शहर में

बदीउज़्ज़माँ ख़ावर

जले हैं दिल न चराग़ों ने रौशनी की है

बदीउज़्ज़माँ ख़ावर

भागते सूरज को पीछे छोड़ कर जाएँगे हम

बदीउज़्ज़माँ ख़ावर

कुछ नहीं होता शब भर सोचों का सरमाया होता है

अज़रक़ अदीम

फ़ज़ा का रंग निखरता दिखाई देता है

अज़रा वहीद

बे-ख़ुदा होने के डर में बे-सबब रोता रहा

अज़रा परवीन

हक़ीक़तें तो मिरे रोज़ ओ शब की साथी हैं

अज़रा नक़वी

ख़्वाब-जंगल

अज़रा नक़वी

हार-सिंगार

अज़रा नक़वी

किसी ख़याल की हिद्दत से जलना चाहती हूँ

अज़रा नक़वी

चाँद सा चेहरा कुछ इतना बेबाक हुआ

अज़्म शाकरी

उस आँख से वहशत की तासीर उठा लाया

अज़्म बहज़ाद

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.