शाम Poetry (page 46)

ऐ मुबारज़-तलब

फ़हीम शनास काज़मी

उस ने पूछा भी मगर हाल छुपाए गए हम

फ़हीम शनास काज़मी

रस्ते में शाम हो गई क़िस्सा तमाम हो चुका

फ़हीम शनास काज़मी

दिल-ए-तबाह को अब तक नहीं यक़ीं आया

फ़हीम शनास काज़मी

एक पल जा न कहूँ नैन सूँ ऐ नूर-ए-बसर

फ़ाएज़ देहलवी

तुम ऐसा करना कि कोई जुगनू कोई सितारा सँभाल रखना

एज़ाज़ अहमद आज़र

सलीक़ा इतना तो ऐ शौक़-ए-ख़ुश-कलाम आए

एज़ाज़ अफ़ज़ल

आज दिल है कि सर-ए-शाम बुझा लगता है

एज़ाज़ अफ़ज़ल

किस क़दर मसअला-ए-शाम-ओ-सहर बदला है

एज़ाज़ अफ़ज़ल

हवा के वास्ते इक काम छोड़ आया हूँ

एजाज़ रहमानी

तपती ज़मीं पे पाँव न धर अब भी लौट जा

एजाज़ रही

उस ने देखा था अजब एक तमाशा मुझ में

एजाज़ उबैद

नए सफ़र में जो पिछले सफ़र के साथी थे

एजाज़ उबैद

ऐसे ही दिन थे कुछ ऐसी शाम थी

एजाज़ उबैद

थम गई वक़्त की रफ़्तार तिरे कूचे में

एजाज़ गुल

अक्स उभरा न था आईना-ए-दिल-दारी का

एजाज़ गुल

तंहाई

एजाज़ फ़ारूक़ी

आ गया ईसार मेरे हल्क़ा-ए-अहबाब में

एजाज़ अासिफ़

मेरी मौत के मसीहा!

एजाज़ अहमद एजाज़

शुऊर-ए-नौ-उम्र हूँ न मुझ को मता-ए-रंज-ओ-मलाल देना

एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी

बीमारी की ख़बर

एहतिशाम हुसैन

गया था बज़्म-ए-मोहब्बत में ख़ाली जाम लिए

एहतिशाम हुसैन

फ़ज़ा-ए-शाम ज़िया-ए-सहर उसी से मिली

एहतराम इस्लाम

फ़ज़ा-ए-शाम ज़िया-ए-सहर उसी से मिली

एहतराम इस्लाम

न सियो होंट न ख़्वाबों में सदा दो हम को

एहसान दानिश

अपनी रुस्वाई का एहसास तो अब कुछ भी नहीं

एहसान दानिश

आया नहीं है राह पे चर्ख़-ए-कुहन अभी

एहसान दानिश

लंदन में जश्न-ए-ग़ालिब

दिलावर फ़िगार

लग गए हैं फ़ोन लगने में जो पच्चीस साल

दिलावर फ़िगार

इश्क़ का परचा

दिलावर फ़िगार

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.