मामला Poetry (page 42)

ख़ूबसूरत है सिर्फ़ बाहर से

अज़हर नवाज़

नींद पलकों पे यूँ रखी सी है

अज़हर नवाज़

गिर्या-ए-शब की शहादत के लिए जागते हैं

अज़हर नक़वी

अफ़्सुर्दगी-ए-दर्द-ए-फ़राक़त है सहर तक

अज़हर नक़वी

ये कम नहीं के वही शाम का सितारा है

अज़हर हाश्मी

अटूट अंग

अज़हर गौरी

सुब्ह कैसी है वहाँ शाम की रंगत क्या है

अज़हर अदीब

लोगो हम तो एक ही सूरत में हथियार उठाते हैं

अज़हर अदीब

हवा को ज़िद कि उड़ाएगी धूल हर सूरत

अज़हर अदीब

सुब्ह कैसी है वहाँ शाम की रंगत क्या है

अज़हर अदीब

कुछ अब के रस्म-ए-जहाँ के ख़िलाफ़ करना है

अज़हर अदीब

कल परदेस में याद आएगी ध्यान में रख

अज़हर अदीब

हवा-ए-तेज़ के आगे कहाँ रहेगा कोई

अज़हर अब्बास

ख़ुद से अब मुझ को जुदा यूँ ही मिरी जाँ रखना

अज़ीज़ परीहारी

बुझने लगे नज़र तो फिर उस पार देखना

अय्यूब ख़ावर

बर्ग-ए-गुल शाख़-ए-हिज्र का कर दे

अय्यूब ख़ावर

उस निगाह-ए-नाज़ ने यूँ रात-भर तज्सीम की

औरंगज़ेब

हवस ने मुझ से पूछा था तुम्हारा क्या इरादा है

औरंगज़ेब

आम रस्ते से हट के आया हूँ

औरंगज़ेब

मिरे सुपुर्द कहाँ वो ख़ज़ाना करता था

अतीक़ुल्लाह

बहुत दिनों में कहीं रास्ते बदलते थे

अतीक़ुल्लाह

वो बात जिस से ये डर था खुली तो जाँ लेगी

आतिफ़ ख़ान

इक शक्ल हमें फिर भाई है इक सूरत दिल में समाई है

अतहर नफ़ीस

वो इश्क़ जो हम से रूठ गया अब उस का हाल बताएँ क्या

अतहर नफ़ीस

आईना दूसरों की जानिब है

अतीया नियाज़ी

शब-गज़ीदा के घर नहीं आती

अतीया नियाज़ी

वैसे तो इस घर को उस ने चाहे कम ख़ुश-हाली दी

अताउल हसन

तीरगी शम्अ बनी राहगुज़र में आई

अता आबिदी

ऐ शौक़-ए-नज़ारा क्या कहिए नज़रों में कोई सूरत ही नहीं

असरार-उल-हक़ मजाज़

रात और रेल

असरार-उल-हक़ मजाज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.