तमाशा Poetry (page 10)

ये तिरा बाँकपन ये रानाई

इफ़्तिख़ार जमील शाहीन

तमाशा करने वालों को ख़बर दी जा चुकी है

इफ़्तिख़ार आरिफ़

कहानी में नए किरदार शामिल हो गए हैं

इफ़्तिख़ार आरिफ़

मंज़र से हैं न दीदा-ए-बीना के दम से हैं

इफ़्तिख़ार आरिफ़

बिखर जाएँगे हम क्या जब तमाशा ख़त्म होगा

इफ़्तिख़ार आरिफ़

रहमतों में तिरी आग़ोश की पाले गए हम

इफ़्फ़त अब्बास

क्या क्या हैं गिले उस को बता क्यूँ नहीं देता

इब्न-ए-रज़ा

पास-ए-नामूस-ए-तमन्ना हर इक आज़ार में था

होश तिर्मिज़ी

दीदा-ए-जौहर से बीना हो गया

हातिम अली मेहर

बुतों का ज़िक्र करो वाइज़ ख़ुदा को किस ने देखा है

हातिम अली मेहर

आलम-ए-हैरत का देखो ये तमाशा एक और

हातिम अली मेहर

है मश्क़-ए-सुख़न जारी चक्की की मशक़्क़त भी

हसरत मोहानी

तोड़ कर अहद-ए-करम ना-आश्ना हो जाइए

हसरत मोहानी

रोग दिल को लगा गईं आँखें

हसरत मोहानी

हुस्न-ए-बे-मेहर को परवा-ए-तमन्ना क्या हो

हसरत मोहानी

है मश्क़-ए-सुख़न जारी चक्की की मशक़्क़त भी

हसरत मोहानी

हर घड़ी मत रूठ उस से फेर पल में मिल न जा

हसरत अज़ीमाबादी

वो भी कहता था कि उस ग़म का मुदावा ही नहीं

हसन नईम

आइने से न डरो अपना सरापा देखो

हसन नज्मी सिकन्दरपुरी

चश्म-ए-ज़ाहिर से रुख़-ए-यार का पर्दा देखा

हसन बरेलवी

इक क़िस्सा-ए-तवील है अफ़्साना दश्त का

हसन अज़ीज़

इरादा था कि अब के रंग-ए-दुनिया देखना है

हसन अब्बास रज़ा

मकीं यहीं का है लेकिन मकाँ से बाहर है

हसन अब्बास रज़ा

इरादा था कि अब के रंग-ए-दुनिया देखना है

हसन अब्बास रज़ा

आँखों से ख़्वाब दिल से तमन्ना तमाम-शुद

हसन अब्बास रज़ा

हर ज़र्रा है जमाल की दुनिया लिए हुए

हेंसन रेहानी

देखने वाले को बाहर से गुमाँ होता नहीं

हामिद जीलानी

काम आसाँ है मगर देखिए दुश्वार भी है

हमदम कशमीरी

ये तमाशा भी अजब है उन के उठ जाने के बाद

हकीम नासिर

इश्क़ कर के देख ली जो बेबसी देखी न थी

हकीम नासिर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.