वफ़ा Poetry (page 40)

ये ग़म नहीं है कि अब आह-ए-ना-रसा भी नहीं

हबीब अहमद सिद्दीक़ी

मुझ को दिमाग़-ए-शेवन-ओ-आह-ओ-फ़ुग़ाँ नहीं

हबीब अहमद सिद्दीक़ी

ख़िज़ाँ-नसीब की हसरत ब-रू-ए-कार न हो

हबीब अहमद सिद्दीक़ी

फ़ैज़ पहुँचे हैं जो बहारों से

हबीब अहमद सिद्दीक़ी

हैं धब्बे तेग़-ए-क़ातिल के जिसे धोने नहीं देते

हबीब आरवी

ख़ुश-नज़र है न ख़ुश-ख़याल है ये

हबाब तिर्मिज़ी

हम सर-ए-राह-ए-वफ़ा उस को सदा क्या देते

गुलनार आफ़रीन

याद करने का तुम्हें कोई इरादा भी न था

गुलनार आफ़रीन

शजर-ए-उम्मीद भी जल गया वो वफ़ा की शाख़ भी जल गई

गुलनार आफ़रीन

हमारा नाम पुकारे हमारे घर आए

गुलनार आफ़रीन

ग़ैर वफ़ा में पुख़्ता हैं यूँ ही सही प मुझ सा भी

ग़ुलाम यहया हुज़ूर अज़ीमाबादी

बा'द-ए-मकीं मकाँ का गर बाम रहा तो क्या हुआ

ग़ुलाम यहया हुज़ूर अज़ीमाबादी

इश्क़ अहद-ए-बेवफ़ा में बे-नवा हो जाएगा

ग़ुलाम नबी आवान

तू अंग अंग में ख़ुश्बू सी बन गया होगा

गुलाम जीलानी असग़र

मिले भी दोस्त तो इस तर्ज़-ए-बे-दिली से मिले

गुलाम जीलानी असग़र

अब के बाज़ार में ये तुर्फ़ा तमाशा देखा

गुलाम जीलानी असग़र

वरक़ वरक़ जो ज़माने के शाहकार में था

गुहर खैराबादी

तारीकियों में अपनी ज़िया छोड़ जाऊँगा

गुहर खैराबादी

दिल के दामन में जो सरमाया-ए-अफ़्कार न था

गुहर खैराबादी

तुम वफ़ा का एवज़ जफ़ा समझे

गोया फ़क़ीर मोहम्मद

दिल में ये एक डर है बराबर बना हुआ

गोविन्द गुलशन

नज़्म

गोपाल मित्तल

रंगीनी-ए-हवस का वफ़ा नाम रख दिया

गोपाल मित्तल

मुझ पे तू मेहरबान है प्यारे

गोपाल मित्तल

कज-कुलाही की अदा याद आई

गोपाल मित्तल

इक छेड़ थी जफ़ाओं का तेरी गिला न था

गोपाल मित्तल

अगरचे बे-हिसी-ए-दिल मुझे गवारा नहीं

गोपाल मित्तल

क्या बताऊँ आज वो मुझ से जुदा क्यूँकर हुआ

गोपाल कृष्णा शफ़क़

आँखों में नए रंग सजाने नहीं उतरे

गिरिजा व्यास

वक़्त से हम गिला नहीं करते

ग़ुला मोहम्मद सफ़ीर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.