Nazam Poetry (page 23)

हर्फ़

ताहिर अज़ीम

शायरों का जब्र

ताबिश कमाल

सारबान

ताबिश कमाल

क़िस्सा-ए-शब

ताबिश कमाल

कहीं से तुम मुझे आवाज़ देती हो

ताबिश कमाल

कहाँ आ गई हो

ताबिश कमाल

एक बुज़ुर्ग शायर परिंदे का तजरबा

ताबिश कमाल

Dimensions

ताबिश कमाल

देव-मालाएँ सच्ची होती हैं

ताबिश कमाल

बिल-जब्र

ताबिश कमाल

बे-घरी

ताबिश कमाल

अपनी साल-गिरह पर

ताबिश कमाल

ज़वाल की आख़िरी हिचकियाँ

तबस्सुम काश्मीरी

ज़वाल की आख़िरी चीख़

तबस्सुम काश्मीरी

वो साहिल-ए-शब पे सो गई थी

तबस्सुम काश्मीरी

उस रोज़ तुम कहाँ थे

तबस्सुम काश्मीरी

उदासियों की रुत

तबस्सुम काश्मीरी

नदामत ही नदामत

तबस्सुम काश्मीरी

ख़्वाहिशें और ख़ून

तबस्सुम काश्मीरी

कड़वे तल्ख़ कसीले ज़ाइक़े

तबस्सुम काश्मीरी

जिस्म के अंदर जिस्म के बाहर

तबस्सुम काश्मीरी

इस अहद की बे-हिस साअ'तों के नाम

तबस्सुम काश्मीरी

एक लम्बी काफ़िर लड़की

तबस्सुम काश्मीरी

एक धुँदली याद

तबस्सुम काश्मीरी

ए-के-शैख़ के पेट का कुत्ता

तबस्सुम काश्मीरी

साहब की बिपता

सय्यद ज़मीर जाफ़री

पुरानी मोटर

सय्यद ज़मीर जाफ़री

मेरा इंतिख़ाबी मंशूर

सय्यद ज़मीर जाफ़री

इक रेल के सफ़र की तस्वीर खींचता हूँ

सय्यद ज़मीर जाफ़री

औरतों की असेंबली

सय्यद ज़मीर जाफ़री