Nazam Poetry (page 49)

ख़ूबसूरत मोड़

साहिर लुधियानवी

ख़ाना-आबादी

साहिर लुधियानवी

जश्न-ए-ग़ालिब

साहिर लुधियानवी

जागीर

साहिर लुधियानवी

इसी दो-राहे पर

साहिर लुधियानवी

इंतिज़ार

साहिर लुधियानवी

इंसाफ़ का तराज़ू जो हाथ में उठाए

साहिर लुधियानवी

हिरास

साहिर लुधियानवी

हर-चंद मिरी क़ुव्वत-ए-गुफ़्तार है महबूस

साहिर लुधियानवी

हम-अस्र

साहिर लुधियानवी

गुरेज़

साहिर लुधियानवी

'गाँधी' हो या 'ग़ालिब' हो

साहिर लुधियानवी

फ़रार

साहिर लुधियानवी

फ़नकार

साहिर लुधियानवी

एक वाक़िआ

साहिर लुधियानवी

एक तस्वीर-ए-रंग

साहिर लुधियानवी

एक शाम

साहिर लुधियानवी

एक मुलाक़ात

साहिर लुधियानवी

एक मंज़र

साहिर लुधियानवी

इक और भी है मुंसिफ़

साहिर लुधियानवी

एहसास-ए-कामराँ

साहिर लुधियानवी

दीवारों का जंगल जिस का आबादी है नाम

साहिर लुधियानवी

दिल अभी

साहिर लुधियानवी

धरती की सुलगती छाती से बेचैन शरारे पूछते हैं

साहिर लुधियानवी

चकले

साहिर लुधियानवी

ब-शर्त-ए-उस्तुवारी

साहिर लुधियानवी

बरसो राम धड़ाके से

साहिर लुधियानवी

बंगाल

साहिर लुधियानवी

बहुत घुटन है

साहिर लुधियानवी

औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया

साहिर लुधियानवी