आग Poetry (page 38)

मैं ख़ाक हूँ आब हूँ हवा हूँ

अनवर शऊर

जो सुनता हूँ कहूँगा मैं जो कहता हूँ सुनूँगा मैं

अनवर शऊर

दम-ए-विसाल तिरी आँच इस तरह आई

अनवर सदीद

तलाश जिस को मैं करता फिरा ख़राबों में

अनवर सदीद

हद-ए-नज़र से मिरा आसमाँ है पोशीदा

अनवर सदीद

ज़िंदगी के हसीं बहाने से

अनवर साबरी

हर मंज़र-ए-ख़ुश-रंग सुलग जाए तो क्या हो

अनवर मीनाई

गुम कर दें इक ज़रा तुझे ख़्वाबों के शहर में

अनवर मीनाई

इस वक़्त वहाँ कौन धुआँ देखने जाए

अनवर मसूद

दिल सुलगता है तिरे सर्द रवय्ये से मिरा

अनवर मसूद

पढ़ने भी न पाए थे कि वो मिट भी गई थी

अनवर मसूद

पढ़ने भी न पाए थे कि वो मिट भी गई थी

अनवर मसूद

मैं देख भी न सका मेरे गिर्द क्या गया था

अनवर मसूद

जो बारिशों में जले तुंद आँधियों में जले

अनवर मसूद

अब कहाँ और किसी चीज़ की जा रक्खी है

अनवर मसूद

आग

अनवर मक़सूद ज़ाहिदी

हवा के साथ उड़ जाएगा पानी

अनवर ख़ान

ग़म-ए-हबीब ग़म-ए-दो-जहाँ नहीं होता

अनवर मोअज़्ज़म

जो हो सका न मिरा उस को भूल जाऊँ मैं

अनवर महमूद खालिद

जो हो सका न मिरा उस को भूल जाऊँ मैं

अनवर महमूद खालिद

जो हो सका न मिरा उस को भूल जाऊँ मैं

अनवर महमूद खालिद

साथ बारिश में लिए फिरते हो उस को 'अंजुम'

अंजुम सलीमी

तेशा-ब-कफ़ को आइना-गर कह दिया गया

अंजुम इरफ़ानी

जो शब भर आँसुओं से तर रहेगा

अंजुम आज़मी

तीर बरसे कभी ख़ंजर आए

अंजना संधीर

मुद्दत से कोई उन की तहरीर नहीं मिलती

अंजना संधीर

लगा के दिल कोई कुछ पल अमीर रहता है

अनीस अब्र

एक नज़्म

अनीस नागी

देर लगी आने में तुम को शुक्र है फिर भी आए तो

अंदलीब शादानी

बशर को मशअ'ल-ए-ईमाँ से आगही न मिली

आनंद नारायण मुल्ला

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.