आग Poetry (page 37)

वो बन कर बे-ज़बाँ लेने को बैठे हैं ज़बाँ मुझ से

आरज़ू लखनवी

उस की तो एक दिल-लगी अपना बना के छोड़ दे

आरज़ू लखनवी

तस्कीन-ए-दिल का ये क्या क़रीना

आरज़ू लखनवी

न कोई जल्वती न कोई ख़ल्वती न कोई ख़ास था न कोई आम था

आरज़ू लखनवी

मासूम नज़र का भोला-पन ललचा के लुभाना क्या जाने

आरज़ू लखनवी

कुछ मैं ने कही है न अभी उस ने सुनी है

आरज़ू लखनवी

हर साँस है इक नग़्मा हर नग़्मा है मस्ताना

आरज़ू लखनवी

दम-ब-ख़ुद बैठ के ख़ुद जैसे ज़बाँ गीली है

आरज़ू लखनवी

आँख से दिल में आने वाला

आरज़ू लखनवी

आँख उन से मिरी मिली थी कभी

अरुण कुमार आर्य

नशीली छाँव में बीते हुए ज़मानों को

अर्शी भोपाली

फ़िक्र सोई है सर-ए-शाम जगा दी जाए

अरशद कमाल

उन की फ़ितरत उस को कहिए या कि फ़ितरत का उसूल

अरशद काकवी

फिर चंद दिनों से वो हर शब ख़्वाबों में हमारे आते हैं

अरशद काकवी

ये जी में आता है जल जल के हर ज़माँ नासेह

अरशद अली ख़ान क़लक़

वाइज़ की ज़िद से रिंदों ने रस्म-ए-जदीद की

अरशद अली ख़ान क़लक़

सोते हैं फैल फैल के सारे पलंग पर

अरशद अली ख़ान क़लक़

नहीं चमके ये हँसने में तुम्हारे दाँत अंजुम से

अरशद अली ख़ान क़लक़

इश्क़ में तेरे जान-ए-ज़ार हैफ़ है मुफ़्त में चली

अरशद अली ख़ान क़लक़

चिराग़-ए-दर्द कि शम-ए-तरब पुकारती है

अरशद अब्दुल हमीद

आँखों में कहीं उस के भी तूफ़ाँ तो नहीं था

अर्श सिद्दीक़ी

आग ही आग है गुलशन ये कोई क्या जाने

अर्श मलसियानी

घनी आबादियों की बे-अमानी का तमाशा कर

अरमान नज्मी

भूल गया ख़ुश्की में रवानी

अरमान नज्मी

अंधे अदम वजूद के गिर्दाब से निकल

आरिफ़ शफ़ीक़

अल्फ़ाज़ के पत्थर क्या फेंके गए पानी में

आरिफ़ अंसारी

जो उभरे वक़्त के साँचे में ढल के

आरिफ़ अब्दुल मतीन

चाँद मेरे घर में उतरा था कहीं डूबा न था

आरिफ़ अब्दुल मतीन

हवस-परस्ती ओ ग़ारत-गरी की लत न गई

अक़ील शादाब

आया न आब-ए-रफ़्ता कभी जूएबार में

अनवापुल हसन अनवार

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.