बादल Poetry (page 5)

हवा भी गर्म है छाए हैं सुर्ख़ बादल क्यूँ

शिफ़ा कजगावन्वी

आसमानों से उतर कर मिरी धरती पे बिराज

शेर अफ़ज़ल जाफ़री

रक़ाबतों की तरह से हम ने मोहब्बतें बे-मिसाल की हैं

शीश मोहम्मद इस्माईल आज़मी

वो कौन है जिस की वहशत पर सुनते हैं कि जंगल रोता है

शाज़ तमकनत

हवा के दोश पे बादल की मुश्क ख़ाली है

शारिब मौरान्वी

फ़रेब-ए-नज़र

शमीम करहानी

निकल पड़े हैं सनम रात के शिवाले से

शमीम करहानी

क्यूँ परेशान हुआ जाता है दिल क्या जाने

शमीम हनफ़ी

याद तुम आए तो फिर बन गईं बादल आँखें

शकील शम्सी

किसी की आँख से आँसू टपक रहे होंगे

शकील शम्सी

ज़ात का गहरा अंधेरा है बिखर जा मुझ में

शकील मज़हरी

साहिल तमाम अश्क-ए-नदामत से अट गया

शकेब जलाली

मौज-ए-ग़म इस लिए शायद नहीं गुज़री सर से

शकेब जलाली

ग़म-ए-दिल हीता-ए-तहरीर में आता ही नहीं

शकेब जलाली

समझ में आती है बादल की आह-ओ-ज़ारी अब

शाइस्ता यूसुफ़

देख इन आँखों से क्या जल-थल कर रक्खा है

शहज़ाद क़मर

गामज़न

शहज़ाद अहमद

यूँ ख़ाक की मानिंद न राहों पे बिखर जा

शहज़ाद अहमद

मुंतज़िर दश्त-ए-दिल-ओ-जाँ है कि आहू आए

शहज़ाद अहमद

मैं कि ख़ुश होता था दरिया की रवानी देख कर

शहज़ाद अहमद

इस दोशीज़ा मिट्टी पर नक़्श-ए-कफ़-ए-पा कोई भी नहीं

शहज़ाद अहमद

अगरचे कार-ए-दुनिया कुछ नहीं है

शहज़ाद अहमद

दरिया-ए-ख़ूँ

शहरयार

तेरी साँसें मुझ तक आते बादल हो जाएँ

शहरयार

हमारे ज़ेहन में ये बात भी नहीं आई

शहराम सर्मदी

नींद की माती

शहनाज़ नबी

किसी बंजर तख़य्युल पर किसी बे-आब रिश्ते में

शहनवाज़ ज़ैदी

दिल भी दाग़-ए-नक़्श-ए-कुहन से बुझा हुआ था

शहनवाज़ ज़ैदी

उसे जब भी देखा बहुत ध्यान से

शाहिदा तबस्सुम

चराग़-ए-शाम ही तन्हा नहीं है

शाहिदा हसन

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.