बाज़ार Poetry (page 4)

एक तुम ही नहीं दुनिया में जफ़ाकार बहुत

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

दौर-ए-तूफ़ाँ में भी जी लेते हैं जीने वाले

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

गर्म अज़-बस-कि है बाज़ार-ए-बुताँ ऐ ज़ाहिद

ताबाँ अब्दुल हई

ऐ मर्द-ए-ख़ुदा हो तू परस्तार बुताँ का

ताबाँ अब्दुल हई

महफ़िल से उठाने के सज़ा-वार हमीं थे

तअशशुक़ लखनवी

अपनी फ़रहत के दिन ऐ यार चले आते हैं

तअशशुक़ लखनवी

पुरानी मोटर

सय्यद ज़मीर जाफ़री

है जल्वा-फ़रोशी की दुकाँ जो ये अब इसी ने

सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम

तंदुरुस्ती दी ख़ुदा ने तो नक़ाहत न गई

सय्यद नज़ीर हसन सख़ा देहलवी

क़ुर्बानी के बकरे

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

मुशाएरा

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

कराची का ट्रैफ़िक

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

ईद की ख़रीदारी

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

क्यूँ सादगी से उस की तकरार हो गई है

सय्यद हामिद

फ़र्द को अस्र की रफ़्तार लिए फिरती है

सय्यद हामिद

खड़खड़ाता एक पत्ता जब गिरा इक पेड़ से

सय्यद फ़ज़लुल मतीन

किसी से इश्क़ हो जाने को अफ़्साना नहीं कहते

सय्यद अमीन अशरफ़

रंज-ए-दुनिया हो कि रंज-ए-आशिक़ी क्या देखना

सय्यद अमीन अशरफ़

फ़साद-ए-क़ल्ब-ओ-नज़र हासिल-ए-तमाशा देख

सय्यद अमीन अशरफ़

बहार आती है लेकिन सर में वो सौदा नहीं होता

सय्यद अमीन अशरफ़

सब का चेहरा पस-ए-दीवार-ए-अना रहता है

सुल्तान अख़्तर

ख़ाक उड़ती है ख़रीदार कहाँ खो गए हैं

सुल्तान अख़्तर

दस्त-बरदार हुआ मैं भी तलबगारी से

सुहैल अख़्तर

कुछ दफ़्न है और साँस लिए जाता है

सुहैल अहमद ज़ैदी

कुछ दफ़्न है और साँस लिए जाता है

सुहैल अहमद ज़ैदी

जब शाम बढ़ी रात का चाक़ू निकल आया

सुहैल अहमद ज़ैदी

अपनी गुमशुदगी की अफ़्वाहें मैं फैलाता रहा

सुबोध लाल साक़ी

मुझे तो मोहब्बत से इंकार होगा

सुभाष पाठक ज़िया

सनम जब चीरा-ए-ज़र-तार बाँधे

सिराज औरंगाबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.