दिल Poetry (page 162)

सत्‌ह-बीं थे सब, रहे बाहर की काई देखते

रियाज़ मजीद

निशान क़ाफ़ला-दर-क़ाफ़ला रहेगा मिरा

रियाज़ मजीद

मकान-ए-दिल से जो उठता था वो धुआँ भी गया

रियाज़ मजीद

किसी भी तौर तबीअ'त कहाँ सँभलने की

रियाज़ मजीद

कौन से जज़्बात ले कर तेरे पास आया करूँ

रियाज़ मजीद

जब अगले साल यही वक़्त आ रहा होगा

रियाज़ मजीद

दर्द ग़ज़ल में ढलने से कतराता है

रियाज़ मजीद

छुपे हुए थे जो नक़्द-ए-शुऊ'र के डर से

रियाज़ मजीद

बजा है हम ज़रूरत से ज़ियादा चाहते हैं

रियाज़ मजीद

बदल सका न जुदाई के ग़म उठा कर भी

रियाज़ मजीद

आँच आएगी न अंदर की ज़बाँ तक ऐ दिल

रियाज़ मजीद

उस चाँद को तुम दिल में छुपा क्यूँ नहीं लेते

रियाज़ हान्स

ज़ियादा पास मत आना

रहमान फ़ारिस

सेल्फ़ी

रहमान फ़ारिस

जागती आँखों का ख़्वाब

रहमान फ़ारिस

ये जो मुझ पर निखार है साईं

रहमान फ़ारिस

विदा-ए-यार का लम्हा ठहर गया मुझ में

रहमान फ़ारिस

सुकूत-ए-शाम में गूँजी सदा उदासी की

रहमान फ़ारिस

सदाएँ देते हुए और ख़ाक उड़ाते हुए

रहमान फ़ारिस

सदाएँ देते हुए और ख़ाक उड़ाते हुए

रहमान फ़ारिस

नज़र उठाएँ तो क्या क्या फ़साना बनता है

रहमान फ़ारिस

मुझे ग़रज़ है सितारे न माहताब के साथ

रहमान फ़ारिस

ये सोच कर न फिर कभी तुझ को पुकारा दोस्त

रेहाना रूही

शब-ओ-रोज़ रक़्स-ए-विसाल था सो नहीं रहा

रेहाना रूही

मसरूफ़ियत उसी की है फ़ुर्सत उसी की है

रेहाना रूही

कोई जादू न फ़साना न फ़ुसूँ है यूँ है

रेहाना रूही

जो सहीफ़ों में लिखी है वो क़यामत हो जाए

रेहाना रूही

उस का चेहरा भी सुनाता है कहानी उस की

रेहाना क़मर

शायद कभी ऐसा हो कुछ फ़िल्म सा कर जाऊँ

रज़्ज़ाक़ अरशद

यूँ खुले बंदों मोहब्बत का न चर्चा करना

रज़्ज़ाक़ अफ़सर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.