दिल Poetry (page 268)

ये घूमता हुआ आईना अपना ठहरा के

एजाज़ गुल

महमिल है मतलूब न लैला माँगता है

एजाज़ गुल

ख़ाशाक से ख़िज़ाँ में रहा नाम बाग़ का

एजाज़ गुल

इतना तिलिस्म याद के चक़माक़ में रहा

एजाज़ गुल

इस्तादा है जब सामने दीवार कहूँ क्या

एजाज़ गुल

हम तुम जब भी प्यार करेंगे जान-ओ-दिल सदक़े होंगे

एजाज़ गुल

दुश्वार है अब रास्ता आसान से आगे

एजाज़ गुल

दर खोल के देखूँ ज़रा इदराक से बाहर

एजाज़ गुल

अक्स उभरा न था आईना-ए-दिल-दारी का

एजाज़ गुल

नवेद-ए-यौम-ए-बहाराँ ख़िज़ाँ से ज़ाहिर हो

एजाज़ अासिफ़

किए हैं मुझ पे जो एहसाँ जता नहीं सकता

एजाज़ अासिफ़

किस दिल से हम इरादा-ए-तर्क-ए-जुनूँ करें

एजाज़ अासिफ़

हूँ मैं भी शो'बदा कोई दुनिया के सामने

एजाज़ अासिफ़

ऐ काश हो बरसात ज़रा और ज़रा और

अहया भोजपुरी

बुझीं शमएँ तो दिल जलाए हैं

एहतिशाम हुसैन

बीमारी की ख़बर

एहतिशाम हुसैन

तुझे पसंद जो दिल की लगन नहीं आई

एहतिशाम हुसैन

गुलशन-ए-दिल में मिले अक़्ल के सहरा में मिले

एहतिशाम हुसैन

ग़म में इक मौज सरख़ुशी की है

एहतिशाम हुसैन

चराग़ दिल का था रौशन बुझा गया पानी

एहतिशाम अख्तर

ढूँड साया न शजर आगे भी

एहतराम इस्लाम

ढूँड साया न शजर आगे भी

एहतराम इस्लाम

ज़ख़्मों को मेरे दिल के सजाओ तो बने बात

एहसान जाफ़री

तुम अच्छे मसीहा हो दवा क्यूँ नहीं देते

एहसान जाफ़री

ख़याल के फूल खिल रहे हैं बहार के गीत गा रहा हूँ

एहसान दरबंगावी

ज़ब्त भी सब्र भी इम्कान में सब कुछ है मगर

एहसान दानिश

वफ़ा का अहद था दिल को सँभालने के लिए

एहसान दानिश

उट्ठा जो अब्र दिल की उमंगें चमक उठीं

एहसान दानिश

वफ़ाएँ कर के जफ़ाओं का ग़म उठाए जा

एहसान दानिश

वफ़ा का अहद था दिल को सँभालने के लिए

एहसान दानिश

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.