दिल Poetry (page 396)

किस का है जुर्म किस की ख़ता सोचना पड़ा

अबरार आज़मी

याद भी तेरी मिट गई दिल से

अबरार अहमद

मैं ठहरता गया रफ़्ता रफ़्ता

अबरार अहमद

कि जैसे कुंज-ए-चमन से सबा निकलती है

अबरार अहमद

ज़िंदा आदमी से कलाम

अबरार अहमद

मेरे पास क्या कुछ नहीं

अबरार अहमद

मौत दिल से लिपट गई उस शब

अबरार अहमद

मजीद-अमजद के लिए

अबरार अहमद

हवा जब तेज़ चलती है

अबरार अहमद

हमारे दुखों का इलाज कहाँ है

अबरार अहमद

ये यक़ीं ये गुमाँ ही मुमकिन है

अबरार अहमद

राह दुश्वार भी है बे-सर-ओ-सामानी भी

अबरार अहमद

कोई सोचे न हमें कोई पुकारा न करे

अबरार अहमद

कि जैसे कुंज-ए-चमन से सबा निकलती है

अबरार अहमद

कहीं पर सुब्ह रखता हूँ कहीं पर शाम रखता हूँ

अबरार अहमद

जो भी यकजा है बिखरता नज़र आता है मुझे

अबरार अहमद

हमें ख़बर नहीं कुछ कौन है कहाँ कोई है

अबरार अहमद

इक फ़रामोश कहानी में रहा

अबरार अहमद

और क्या रह गया है होने को

अबरार अहमद

फ़िक्र का गर सिलसिला मौजूद है

अबरार आबिद

बेकसी का हाल मय्यत से अयाँ हो जाएगा

अब्र अहसनी गनौरी

हम किसी सुल्ताँ के ताबे नहीं 'आबिद-वदूद'

आबिद वदूद

न घर सुकून-कदा है न कारख़ाना-ए-इश्क़

आबिद वदूद

कफ़-ए-ख़िज़ाँ पे खिला मैं इस ए'तिबार के साथ

आबिद सयाल

न जाने रब्त-ए-मसर्रत है किस क़दर ग़म से

आबिद नामी

आप करिश्मा-साज़ हुए हैं होश में है दीवाना भी

आबिद नामी

सिर्फ़ कर्ब-ए-अना दिया है मुझे

आबिद मुनावरी

मुक़द्दर में साहिल कहाँ है मियाँ

आबिद मुनावरी

ख़ुद सवाल आप ही जवाब हूँ मैं

आबिद मुनावरी

जब आसमान पर मह-ओ-अख़्तर पलट कर आए

आबिद मुनावरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.