दिन Poetry (page 103)

आँसू की तरह दीदा-ए-पुर-आब में रहना

अहमद जावेद

आख़िरुल-अम्र तिरी सम्त सफ़र करते हैं

अहमद जावेद

ज़मज़मा नाला-ए-बुलबुल ठहरे

अहमद हुसैन माइल

शब-ए-माह में जो पलंग पर मिरे साथ सोए तो क्या हुए

अहमद हुसैन माइल

क़िबला-ए-आब-ओ-गिल तुम्हीं तो हो

अहमद हुसैन माइल

रेहान-सिद्दीक़ी की याद में

अहमद हमेश

मेहवर

अहमद हमेश

मकाशफ़ा

अहमद हमेश

मा-बा'द-उत-तबीआत

अहमद हमेश

अपने जैसे आशिक़ों के नाम

अहमद हमेश

अंदेशा-ए-जाँ

अहमद हमेश

1973 की एक नज़्म

अहमद हमेश

तुम साथ चले थे तो मिरे साथ चला दिन

अहमद हमेश

न घर है कोई न सामान कुछ रहा बाक़ी

अहमद हमेश

किस का शोअ'ला जल रहा है शो'लगी से मावरा

अहमद हमेश

ये वफ़ाएँ सारी धोके फिर ये धोके भी कहाँ

अहमद हमदानी

नहीं मिलते वो अब तो क्या बात है

अहमद हमदानी

मुँह अँधेरे घर से निकले फिर थे हंगामे बहुत

अहमद हमदानी

अज़ल अबद से बहुत दूर झूमते थे हम

अहमद हमदानी

अब ये होगा शायद अपनी आग में ख़ुद जल जाएँगे

अहमद हमदानी

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

अहमद फ़राज़

जुज़ तिरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे

अहमद फ़राज़

ऐसी तारीकियाँ आँखों में बसी हैं कि 'फ़राज़'

अहमद फ़राज़

मुझ से पहले

अहमद फ़राज़

ख़्वाबों के ब्योपारी

अहमद फ़राज़

भली सी एक शक्ल थी

अहमद फ़राज़

ऐ मेरे वतन के ख़ुश-नवाओ

अहमद फ़राज़

ये तबीअत है तो ख़ुद आज़ार बन जाएँगे हम

अहमद फ़राज़

वहशतें बढ़ती गईं हिज्र के आज़ार के साथ

अहमद फ़राज़

तेरे होते हुए महफ़िल में जलाते हैं चराग़

अहमद फ़राज़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.