शोक Poetry (page 21)

किसी गुल में नहीं पाने की तू बू-ए-वफ़ा हरगिज़

ताबाँ अब्दुल हई

कई दिन हो गए या-रब नहीं देखा है यार अपना

ताबाँ अब्दुल हई

दिलबर से दर्द-ए-दिल न कहूँ हाए कब तलक

ताबाँ अब्दुल हई

दाग़-ए-दिल अपना जब दिखाता हूँ

ताबाँ अब्दुल हई

आई बहार शोरिश-तिफ़लाँ को क्या हुआ

ताबाँ अब्दुल हई

दिल के सहरा में बड़े ज़ोर का बादल बरसा

ताब असलम

ता-सहर की है फ़ुग़ाँ जान के ग़ाफ़िल मुझ को

तअशशुक़ लखनवी

दो दमों से है फ़क़त गोर-ए-ग़रीबाँ आबाद

तअशशुक़ लखनवी

जो तिरी महफ़िल से ज़ौक़-ए-ख़ाम ले कर आए हैं

सय्यदा शान-ए-मेराज

हिज्र में तेरे तसव्वुर का सहारा है बहुत

सय्यदा शान-ए-मेराज

कुछ ऐसा भी तो हो जाए कभी ऐसा करे कोई

सय्यदा नफ़ीस बानो शम्अ

ख़्वाबों की हक़ीक़त भी बता क्यूँ नहीं देते

सय्यदा नफ़ीस बानो शम्अ

ख़ुद से लिपट के रो लें बहुत मुस्कुरा लिए

सय्यदा नफ़ीस बानो शम्अ

जिस्म ओ जाँ सुलगते हैं बारिशों का मौसम है

सय्यदा नफ़ीस बानो शम्अ

दर्द में लज़्ज़त बहुत अश्कों में रानाई बहुत

सय्यद ज़मीर जाफ़री

मेरा इंतिख़ाबी मंशूर

सय्यद ज़मीर जाफ़री

तूफ़ाँ नहीं गुज़रे कि बयाबाँ नहीं गुज़रे

सय्यद ज़मीर जाफ़री

हम ज़माने से फ़क़त हुस्न-ए-गुमाँ रखते हैं

सय्यद ज़मीर जाफ़री

हम न्यूट्रल हैं ख़ारजा हिकमत के बाब में

सय्यद ज़मीर जाफ़री

गा रहा हूँ ख़ामुशी में दर्द के नग़्मात मैं

सय्यद ज़मीर जाफ़री

दर्द में लज़्ज़त बहुत अश्कों में रा'नाई बहुत

सय्यद ज़मीर जाफ़री

बड़ी हैरत से अरबाब-ए-वफ़ा को देखता हूँ मैं

सय्यद ज़मीर जाफ़री

थी आसमाँ पे मेरी चढ़ाई तमाम रात

सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम

तेरे दर से मैं उठा लेकिन न मेरा दिल उठा

सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम

है आईना-ख़ाने में तिरा ज़ौक़-फ़ज़ा रक़्स

सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम

दिल में उतरी है निगह रह गईं बाहर पलकें

सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम

हर नज़र इंतिख़ाब हो जाए

सय्यद सिद्दीक़ हसन

बैठे रहेंगे थाम के कब तक यूँ ख़ाली पैमाने लोग

सय्यद शकील दस्नवी

कही बात उस ने भी ख़दशात की

सय्यद सग़ीर सफ़ी

बनाया है शहकार यूँ तेरे ग़म ने

सय्यद सग़ीर सफ़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.