घर Poetry (page 22)

ख़ैर की नज़्र की है या शर की

सय्यद काशिफ़ रज़ा

फ़क़त क़याम का मतलब गुज़र-बसर कोई है

सय्यद काशिफ़ रज़ा

बहुत से दर्द थे पर ख़ुद को जोड़ कर रक्खा

सय्यद काशिफ़ रज़ा

क्यूँ सादगी से उस की तकरार हो गई है

सय्यद हामिद

बात वो बात नहीं है जो ज़बाँ तक पहुँचे

सय्यद हामिद

छुट्टी का दिन है चाहिए जैसे गुज़ारिए

सय्यद फ़ज़लुल मतीन

हाथ में लाठी पकड़ कर इश्क़ फ़रमाएँगे क्या

सय्यद फ़हीमुद्दीन

बक रहा हूँ आज कल हिज़यान बाक़ी ख़ैर है

सय्यद फ़हीमुद्दीन

गले हम क्या मिलें उस आदमी से

सय्यद आरिफ़ अली

मिट्टी तिरे महकने से मुझ को गुमान है

सय्यद अनवार अहमद

हवा का तब्सिरा ये साकिनान-ए-शहर पे था

सय्यद अमीन अशरफ़

वजूद को जिगर-ए-मो'तबर बनाते हैं

सय्यद अमीन अशरफ़

मलाल-ए-ग़ुंचा-ए-तर जाएगा कभी न कभी

सय्यद अमीन अशरफ़

ख़िरद ऐ बे-ख़बर कुछ भी नहीं है

सय्यद अमीन अशरफ़

जो डर अपनों से है ग़ैरों से वो डर हो नहीं सकता

सय्यद अमीन अशरफ़

इज़्ज़त उसी की अहल-ए-नज़र की नज़र में है

सय्यद अमीर हसन मारहरवी दिलेर

इतना देखा चलते चलते

सय्यद अहसन जावेद

तुम मिरे पास रहो जिस्म की गरमी बख़्शो

सय्यद अहमद शमीम

जागते में रात मुझ को ख़्वाब दिखलाया गया

सय्यद अहमद शमीम

वो बज़्म-ए-ग़ैर में बा-सद-वक़ार बैठे हैं

सय्यद अाग़ा अली महर

सीने में आग आँख सू-ए-दर लगी रहे

सय्यद अाग़ा अली महर

अपना दुनिया से सफ़र ठहरा है

सय्यद अाग़ा अली महर

सब के जल्वे नज़र से गुज़रे हैं

सय्यद आबिद अली आबिद

तुम से इक दिन कहीं मिलेंगे हम

स्वप्निल तिवारी

नींद से आ कर बैठा है

स्वप्निल तिवारी

मिली है राहत हमें सफ़र से

स्वप्निल तिवारी

मिली है राहत हमें सफ़र से

स्वप्निल तिवारी

मिरे घर में न होगी रौशनी क्या

स्वप्निल तिवारी

कहीं खो न जाना ज़रा दूर चल के

स्वप्निल तिवारी

हवा बातों की जो चलने लगी है

स्वप्निल तिवारी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.