घर Poetry (page 51)

चारों ओर अब फूल ही फूल हैं क्या गिनते हो दाग़ों को

सफ़दर मीर

रेत

सईदुद्दीन

नज़्म

सईदुद्दीन

नज़्म

सईदुद्दीन

ये हक़ीक़त है कि होता है असर बातों में

सईद राही

मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा

सईद राही

ख़ंजर से करो बात न तलवार से पूछो

सईद राही

इतना तो हुआ ऐ दिल इक शख़्स के जाने से

सईद राही

अंजाम

सईद क़ैस

सोने के दिल मिट्टी के घर पीछे छोड़ आए हैं

सईद क़ैस

रोज़ हवा में उड़ने की फ़रमाइश है

सईद क़ैस

तू मेरी तिश्ना-लबी पर सवाल करता है

सईद नक़वी

किया है ख़ुद ही गिराँ ज़ीस्त का सफ़र मैं ने

सईद नक़वी

फ़सील-ए-ज़ात में दर तो तिरी इनायत है

सईद नक़वी

बे-सबब ठीक नहीं घर से निकल कर जाना

सईद आरिफ़ी

शहर के फ़ुट-पाथ पर कुछ चुभते मंज़र देखना

सईद अख़्तर

डूबते सूरज की सरगोशी

सईद अहमद

मैं ने कहा कि घर चलेगी मेरे साथ आज

सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़

मुँह फूल से रंगीं था व सारी थी उस हरी

सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़

दुरून-ए-चश्म हर इक ख़्वाब मर रहा है बस

सादिया सफ़दर सादी

क्यूँ भटकती सहरा में घर भी इक ख़राबा था

सादिया रोशन सिद्दीक़ी

यूँ तो हर एक शख़्स ही तालिब समर का है

सादिक़ नसीम

यही नहीं कि फ़क़त तिरी जुस्तुजू भी मैं

सादिक़ नसीम

वो जिस का रंग सलोना है बादलों की तरह

सादिक़ नसीम

उदास उदास सर-ए-साग़र-ओ-सुबू भी मैं

सादिक़ नसीम

जो लब पे न लाऊँ वही शे'रों में कहूँ मैं

सादिक़ नसीम

इस एहतिमाम से परवाने पेशतर न जले

सादिक़ नसीम

बिस्तर बिछा के रात वो कमरे में सो गया

सादिक़

कौन आएगा भूल कर रस्ता

सदा अम्बालवी

क्यूँ ये हसरत थी दिल लगाने की

सदा अम्बालवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.