हुआ Poetry (page 113)

अजीब ख़ौफ़ का मौसम है इन दिनों 'इमरान'

इमरान-उल-हक़ चौहान

पयाम ले के हवा दूर तक नहीं जाती

इमरान-उल-हक़ चौहान

अपने हिस्से में ही आने थे ख़सारे सारे

इमरान-उल-हक़ चौहान

सितारे सब मिरे महताब मेरे

इमरान शनावर

कुछ तो ऐ यार इलाज-ए-ग़म-ए-तन्हाई हो

इमरान शनावर

सड़क

इमरान शमशाद

काला

इमरान शमशाद

ज़िंदगी में जो ये रवानी है

इमरान शमशाद

कभी पैरों से आँखों तक चुभन महसूस होती है

इमरान शमशाद

तुम्हारा हुस्न है यकता चलो मैं मान लेता हूँ

इमरान साग़र

तुझ को खो देने का एहसास हुआ तेरे बा'द

इमरान साग़र

तलाश मैं ने ज़िंदगी में तेरी बे-शुमार की

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं शजर हूँ और इक पत्ता है तू

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं सारी उम्र अहद-ए-वफ़ा में लगा रहा

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़ुदा तू इतनी भी महरूमियाँ न तारी रख

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़िज़ाँ के होश किसी रोज़ मैं उड़ाता हुआ

इमरान हुसैन आज़ाद

दीवानगी में अपना पता पूछता हूँ मैं

इमरान हुसैन आज़ाद

आसमाँ मिल न सका धरती पे आया न गया

इमरान हुसैन आज़ाद

कोई मजनूँ कोई फ़रहाद बना फिरता है

इमरान आमी

इस दश्त से आगे भी कोई दश्त-ए-गुमाँ है

इमरान आमी

हम-साए में शैतान भी रहता है ख़ुदा भी

इमरान आमी

तेरी जानिब से मुझ पे क्या न हुआ

इम्दाद इमाम असर

ख़ुदा जाने 'असर' को क्या हुआ है

इम्दाद इमाम असर

तेरी जानिब से मुझ पे क्या न हुआ

इम्दाद इमाम असर

सूली चढ़े जो यार के क़द पर फ़िदा न हो

इम्दाद इमाम असर

रोते हैं सुन के कहानी मेरी

इम्दाद इमाम असर

मेरे सर में जो रात चक्कर था

इम्दाद इमाम असर

क्यूँ देखिए न हुस्न-ए-ख़ुदा-दाद की तरफ़

इम्दाद इमाम असर

कब ग़ैर हुआ महव तिरी जल्वागरी का

इम्दाद इमाम असर

बहे साथ अश्क के लख़्त-ए-जिगर तक

इम्दाद इमाम असर

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