हुआ Poetry (page 128)

जो बस में है वो कर जाना ज़रूरी हो गया है

हैदर क़ुरैशी

सभी तो दोस्त हैं क्यूँ शक अबस हुआ मुझ को

हैदर अली जाफ़री

मता-ए-दर्द का ख़ूगर मिरी तलाश में है

हैदर अली जाफ़री

होता फ़नकार-ए-जदीद और न शाएर होता

हैदर अली जाफ़री

अस्र-ए-जदीद आया बड़ी धूम-धाम से

हैदर अली जाफ़री

पयाम-बर न मयस्सर हुआ तो ख़ूब हुआ

हैदर अली आतिश

पयाम्बर न मयस्सर हुआ तो ख़ूब हुआ

हैदर अली आतिश

न पूछ हाल मिरा चोब-ए-ख़ुश्क-ए-सहरा हूँ

हैदर अली आतिश

मैं वो ग़म-दोस्त हूँ जब कोई ताज़ा ग़म हुआ पैदा

हैदर अली आतिश

भरा है शीशा-ए-दिल को नई मोहब्बत से

हैदर अली आतिश

आसार-ए-इश्क़ आँखों से होने लगे अयाँ

हैदर अली आतिश

ये आरज़ू थी तुझे गुल के रू-ब-रू करते

हैदर अली आतिश

या-अली कह कर बुत-ए-पिंदार तोड़ा चाहिए

हैदर अली आतिश

वो नाज़नीं ये नज़ाकत में कुछ यगाना हुआ

हैदर अली आतिश

वहशी थे बू-ए-गुल की तरह इस जहाँ में हम

हैदर अली आतिश

वहशत-ए-दिल ने किया है वो बयाबाँ पैदा

हैदर अली आतिश

उन्नाब-ए-लब का अपने मज़ा कुछ न पूछिए

हैदर अली आतिश

तुर्रा उसे जो हुस्न-ए-दिल-आज़ार ने किया

हैदर अली आतिश

शब-ए-फ़ुर्क़त में यार-ए-जानी की

हैदर अली आतिश

सब्ज़ा बाला-ए-ज़क़न दुश्मन है ख़ल्क़ुल्लाह का

हैदर अली आतिश

रोज़-ए-मौलूद से साथ अपने हुआ ग़म पैदा

हैदर अली आतिश

पिसे दिल उस की चितवन पर हज़ारों

हैदर अली आतिश

पीरी से मिरा नौ दिगर-हाल हुआ है

हैदर अली आतिश

ना-फ़हमी अपनी पर्दा है दीदार के लिए

हैदर अली आतिश

मुंतज़िर था वो तो जुस्त-ओ-जू में ये आवारा था

हैदर अली आतिश

मिरे दिल को शौक़-ए-फ़ुग़ाँ नहीं मिरे लब तक आती दुआ नहीं

हैदर अली आतिश

मौत माँगूँ तो रहे आरज़ू-ए-ख़्वाब मुझे

हैदर अली आतिश

मय-ए-गुल-रंग से लबरेज़ रहें जाम सफ़ेद

हैदर अली आतिश

क्या क्या न रंग तेरे तलबगार ला चुके

हैदर अली आतिश

काबा ओ दैर में है किस के लिए दिल जाता

हैदर अली आतिश

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.