प्रेम Poetry (page 18)

हाकिम-ए-इश्क़ ने जब अक़्ल की तक़्सीर सुनी

सिराज औरंगाबादी

ग़ैर तरफ़ क्यूँकि नज़र कर सकूँ

सिराज औरंगाबादी

ऐ अक़्ल निकल जा कि धुआँ आह का नहीं है

सिराज औरंगाबादी

आई है तिरे इश्क़ की बाज़ी दिल-ओ-जाँ पर

सिराज औरंगाबादी

यार को बे-हिजाब देखा हूँ

सिराज औरंगाबादी

तुम्हारी ज़ुल्फ़ का हर तार मोहन

सिराज औरंगाबादी

तुझे कहता हूँ ऐ दिल इश्क़ का इज़हार मत कीजो

सिराज औरंगाबादी

तिरी ज़ुल्फ़ ज़ुन्नार का तार है

सिराज औरंगाबादी

तिरी निगाह-ए-तलत्तुफ़ ने फ़ैज़ आम किया

सिराज औरंगाबादी

तेरी भँवों की तेग़ के जो रू-ब-रू हुआ

सिराज औरंगाबादी

सीना-साफ़ी की है जिसे ऐनक

सिराज औरंगाबादी

शर्बत-ए-वस्ल पिला जा लब-ए-शीरीं की क़सम

सिराज औरंगाबादी

सनम ख़ुश तबईयाँ सीखे हो तुम किन किन ज़रीफ़ों सीं

सिराज औरंगाबादी

मुझ सीं ग़म दस्त-ओ-गरेबाँ न हुआ था सो हुआ

सिराज औरंगाबादी

मज्लिस-ए-ऐश गर्म हो या-रब

सिराज औरंगाबादी

क्या बला का है नशा इश्क़ के पैमाने में

सिराज औरंगाबादी

किया ग़म ने सरायत बे-निहायत

सिराज औरंगाबादी

ख़ूब बूझा हूँ मैं उस यार कूँ कुइ क्या जाने

सिराज औरंगाबादी

ख़बर-ए-तहय्युर-ए-इश्क़ सुन न जुनूँ रहा न परी रही

सिराज औरंगाबादी

कहाँ है गुल-बदन मोहन पियारा

सिराज औरंगाबादी

जो कुछ कि तुम सीं मुझे बोलना था बोल चुका

सिराज औरंगाबादी

जिस कूँ पियो के हिज्र का बैराग है

सिराज औरंगाबादी

जिस कूँ मुल्क-ए-बे-ख़ुदी का राज है

सिराज औरंगाबादी

जलव-ए-जाँ-फ़ज़ा दिखाता रह

सिराज औरंगाबादी

जब सें तुझ इश्क़ की गरमी का असर है मन में

सिराज औरंगाबादी

जानाँ पे जी निसार हुआ क्या बजा हुआ

सिराज औरंगाबादी

इश्क़ ने ख़ूँ किया है दिल जिस का

सिराज औरंगाबादी

हम हैं मुश्ताक़-ए-जवाब और तुम हो उल्फ़त सीं बईद

सिराज औरंगाबादी

हर तरफ़ यार का तमाशा है

सिराज औरंगाबादी

हर किसी कूँ गुज़र-ए-इश्क़ में आनाँ मुश्किल

सिराज औरंगाबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.