प्रेम Poetry (page 43)

लगी है भीड़ बड़ा मय-कदे का नाम भी है

रविश सिद्दीक़ी

क्या सितम कर गई ऐ दोस्त तिरी चश्म-ए-करम

रविश सिद्दीक़ी

ख़्वाब-ए-दीदार न देखा हम ने

रविश सिद्दीक़ी

ख़िरद को गुमशुदा-ए-कू-ब-कू समझते हैं

रविश सिद्दीक़ी

कौन कहता मुझे शाइस्ता-ए-तहज़ीब-ए-जुनूँ

रविश सिद्दीक़ी

कहने को सब फ़साना-ए-ग़ैब-ओ-शुहूद था

रविश सिद्दीक़ी

इश्क़ की शरह-ए-मुख़्तसर के लिए

रविश सिद्दीक़ी

दौर-ए-सबूही शोला-ए-मीना रक़्साँ छाँव में तारों की

रविश सिद्दीक़ी

उन से मिलना किसी बहाने से

रौनक़ टोंकवी

चाक दामन भी हुआ चाक-ए-गरेबाँ की तरह

रऊफ़ यासीन जलाली

आज़ार-ए-दिल से रंग-ए-तबीअ'त बदल गया

रऊफ़ यासीन जलाली

ये मिरी रूह सियह रात में निकली है कहाँ

रउफ़ रज़ा

नमाज़-ए-इश्क़ तुम्हारी क़ुबूल हो जाती

रतन पंडोरवी

पहुँचे न जो मुराद को वो मुद्दआ हूँ मैं

रतन पंडोरवी

मौजों ने हाथ दे के उभारा कभी कभी

रतन पंडोरवी

ख़्वाब ही में रुख़-ए-पुर-नूर दिखाए कोई

रतन पंडोरवी

जुदा वो होते तो हम उन की जुस्तुजू करते

रतन पंडोरवी

जोश पर रंग-ए-तरब देख के मयख़ाने का

रसूल जहाँ बेगम मख़फ़ी बदायूनी

क्या करेगा जा के बैतुल्लाह तू

रासिख़ अज़ीमाबादी

शम्अ' में सोज़ की वो ख़ू है न परवाने में

रशीद शाहजहाँपुरी

इस तग-ओ-दौ ने आख़िरश मुझ को निढाल कर दिया

राशिद जमाल फ़ारूक़ी

ये सोच कर मैं रुका था कि तू पुकारेगा

राशिद अनवर राशिद

समझ रहा है तिरी हर ख़ता का हामी मुझे

राशिद आज़र

मरते नहीं अब इश्क़ में यूँ तो आतिश-ए-फ़ुर्क़त अब भी वही है

राशिद आज़र

हुस्न हो इश्क़ का ख़ूगर मुझे रहने देते

राशिद आज़र

मिरी शनाख़्त के हर नक़्श को मिटाता है

रशीदुज़्ज़फ़र

अपनी क़िस्मत के हुए सारे सितारे पत्थर

रशीदुज़्ज़फ़र

इक ख़याल-अफ़रोज़ मौज आई तो थी

राशिदा माहीन मलिक

आँख इम्कान से भरी हुई थी

राशिदा माहीन मलिक

उन के घर आना नहीं जाना नहीं

रशीद रामपुरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.