पत्र Poetry (page 7)

वो गुम हुए हैं मुसाफ़िर रह-ए-तमन्ना में

समद अंसारी

तिलिस्म-ए-लफ़्ज़-ओ-मआ'नी को तार तार करें

समद अंसारी

रहा वो शहर में जब तक बड़ा दबंग रहा

सलीम शहज़ाद

रौशन सुकूत सब उसी शो'ला-बयाँ से है

सलीम शाहिद

फूलों की है तख़्लीक़ कि शो'लों से बना है

सलीम बेताब

अजी फेंको रक़ीब का नामा

सख़ी लख़नवी

मयस्सर ख़ुद निगह-दारी की आसाइश नहीं रहती

साइमा असमा

शाम को सुब्ह अँधेरे को उजाला लिक्खें

साहिर होशियारपुरी

बस फ़र्क़ इस क़दर है गुनाह ओ सवाब में

साहिर होशियारपुरी

क्या शौक़ का आलम था कि हाथों से उड़ा ख़त

साहिर देहल्वी

अहबाब भी हैं ख़ूब कि तश्हीर कर गए

सहबा वहीद

उठ चले वो तो इस में हैरत क्या

साग़र ख़य्यामी

सारी जफ़ाएँ सारे करम याद आ गए

साग़र ख़य्यामी

दें भी जवाब-ए-ख़त कि न दें क्या ख़बर मुझे

सफ़ी लखनवी

वो अंजुमन में रात अजब शान से गए

सईद राही

किया है ख़ुद ही गिराँ ज़ीस्त का सफ़र मैं ने

सईद नक़वी

पत्थर को पूजते थे कि पत्थर पिघल पड़ा

सईद अहमद

मरे दिल बीच नक़्श-ए-नाज़नीं है

सदरुद्दीन मोहम्मद फ़ाएज़

गुमाँ न था कि लिफ़ाफ़े में ख़त के बदले वो

सादिक़

पलंग पर जो किताब ओ सिनान रख देगा

सादिक़

चाँदनी रात में शानों से ढलकती चादर

साबिर दत्त

अगर अल्फ़ाज़ से ग़म का इज़ाला हो गया होता

सबीला इनाम सिद्दीक़ी

उस का वादा ता-क़यामत कम से कम

सबा अकबराबादी

ख़त-ए-शौक़ को पढ़ के क़ासिद से बोले

साइल देहलवी

मिले ग़ैरों से मुझ को रंज ओ ग़म यूँ भी है और यूँ भी

साइल देहलवी

ख़िज़ाँ का जो गुलशन से पड़ जाए पाला

साइल देहलवी

मय रहे मीना रहे गर्दिश में पैमाना रहे

रियाज़ ख़ैराबादी

जिस दिन से हराम हो गई है

रियाज़ ख़ैराबादी

फेर लाता है ख़त-ए-शौक़ मिरा हो के तबाह

रिन्द लखनवी

वक़ार-ए-शाह-ए-ज़विल-इक्तदार देख चुके

रिन्द लखनवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.