मर Poetry (page 10)

नज़्म

शबनम अशाई

हवा को और भी कुछ तेज़ कर गए हैं लोग

शायर लखनवी

सुबू पर जाम पर शीशे पे पैमाने पे क्या गुज़री

सीमाब अकबराबादी

उड़े हैं होश मेरे इस ख़बर से

सीमा शर्मा सरहद

बारिश थी और अब्र था दरिया था और बस

सीमा ग़ज़ल

घुट के रह जाऊँगा बे-एहसास ग़म-ख़्वारों के पेच

सय्यद नसीर शाह

बूँद अश्कों से अगर लुत्फ़-ए-रवानी माँगे

सययद मोहम्म्द अब्दुल ग़फ़ूर शहबाज़

तुम समझ लेते गर परेशानी

सावन शुक्ला

अजब ही हाल था आवाज़ का तो

सावन शुक्ला

यक़ीन मर गया मिरा गुमान भी नहीं बचा

सौरभ शेखर

'सौदा' तिरी फ़रियाद से आँखों में कटी रात

मोहम्मद रफ़ी सौदा

ले दीदा-ए-तर जिधर गए हम

मोहम्मद रफ़ी सौदा

गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी

मोहम्मद रफ़ी सौदा

ख़ून की ख़ुश्बू

सत्यपाल आनंद

इन्ना लिल्लाही ओ इन्ना इलैहि राजेऊन

सत्यपाल आनंद

क्या तमाशा देखिए तहसील-ए-ला-हासिल में है

सरवर आलम राज़

इक दास्तान अब भी सुनाते हैं फ़र्श ओ बाम

सरवत हुसैन

देखा जो उस तरफ़ तो बदन पर नज़र गई

सरवत हुसैन

नज़र की धूप में आने से पहले

सरफ़राज़ ज़ाहिद

नज़र आते थे हम इक दूसरे को

सरफ़राज़ ज़ाहिद

दफ़्तर-ए-शादी का मुन्तज़िम

सरफ़राज़ शाहिद

मैं फ़र्त-ए-मसर्रत से डर है कि न मर जाऊँ

सरदार सोज़

नासेहा आया नसीहत है सुनाने के लिए

सरदार गेंडा सिंह मशरिक़ी

मैं वो आतिश-ए-नफ़स हूँ आग अभी

सरदार गेंडा सिंह मशरिक़ी

सितमगर तुझ से हम कब शिकवा-ए-बेदाद करते हैं

सरस्वती सरन कैफ़

मौत की तलाशी मत लो

सारा शगुफ़्ता

हम तंगना-ए-हिज्र से बाहर नहीं गए

साक़ी फ़ारुक़ी

नौहा

साक़ी फ़ारुक़ी

यूँ मिरे पास से हो कर न गुज़र जाना था

साक़ी फ़ारुक़ी

वो लोग जो ज़िंदा हैं वो मर जाएँगे इक दिन

साक़ी फ़ारुक़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.