नाम Poetry (page 64)

लिखी हुई जो तबाही है उस से क्या जाता

अज़ीज़ हामिद मदनी

जूयान-ए-ताज़ा-कारी-ए-गुफ़्तार कुछ कहो

अज़ीज़ हामिद मदनी

हिकायत-ए-हुस्न-ए-यार लिखना हदीस-ए-मीना-ओ-जाम कहना

अज़ीज़ हामिद मदनी

ऐ शहर-ए-ख़िरद की ताज़ा हवा वहशत का कोई इनआम चले

अज़ीज़ हामिद मदनी

आतिश-ए-मीना नज़र आई हरीफ़ाना मुझे

अज़ीज़ हामिद मदनी

उमीद

अज़ीज़ फ़ैसल

वफ़ा के नाम पर पैरा किए कच्चे घड़े ले कर

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

तमाम उम्र किसी और नाम से मुझ को

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

लिया है किस क़दर सख़्ती से अपना इम्तिहाँ हम ने

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

अलावा इक चुभन के क्या है ख़ुद से राब्ता मेरा

अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा

हर इक फ़नकार ने जो कुछ भी लिक्खा ख़ूब-तर लिक्खा

अज़ीज अहमद ख़ाँ शफ़क़

सर पर मिरे उम्र-भर रही धूप

अज़हर सईद

मआल-ए-दोस्ती कहिए हदीस-ए-मह-वशाँ कहिए

अज़हर सईद

दाग़ चेहरे का यूँही छोड़ दिया जाता है

अज़हर नवाज़

कोई ऐसी बात है जिस के डर से बाहर रहते हैं

अज़हर नक़वी

हुआ उजाला तो हम उन के नाम भूल गए

अज़हर इनायती

वो ताज़ा-दम हैं नए शो'बदे दिखाते हुए

अज़हर इनायती

वो मुझ से मेरा तआ'रुफ़ कराने आया था

अज़हर इनायती

ख़त उस के अपने हाथ का आता नहीं कोई

अज़हर इनायती

उस लब की ख़ामुशी के सबब टूटता हूँ मैं

अज़हर फ़राग़

हँसने-हँसाने पढ़ने-पढ़ाने की उम्र है

अज़हर फ़राग़

दीवारें छोटी होती थीं लेकिन पर्दा होता था

अज़हर फ़राग़

सब बातें ला-हासिल ठहरीं सारे ज़िक्र फ़ुज़ूल गए

अज़हर अली

मैं उस का नाम ले बैठा था इक दिन

अज़हर अदीब

हमारे नाम की तख़्ती भी उन पे लग न सकी

अज़हर अदीब

घनेरी छाँव के सपने बहुत दिखाए गए

अज़हर अदीब

अपना जैसा भी हाल रक्खा है

अज़हर अदीब

ये रात आख़िरी लोरी सुनाने वाली है

अज़हर अब्बास

बीच दिलों में उतरा तो है

अज़ीम कुरेशी

कभी नाकामियों का अपनी हम मातम नहीं करते

आज़ाद गुरदासपुरी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.