नज़र Poetry (page 17)

क्या बताऊँ कि है किस ज़ुल्फ़ का सौदा मुझ को

तौसीफ़ तबस्सुम

इक तीर नहीं क्या तिरी मिज़्गाँ की सफ़ों में

तौसीफ़ तबस्सुम

दिल था पहलू में तो कहते थे तमन्ना क्या है

तौसीफ़ तबस्सुम

आइना मिलता तो शायद नज़र आते ख़ुद को

तौसीफ़ तबस्सुम

परी उड़ जाएगी और राजधानी ख़त्म होगी

तौक़ीर तक़ी

वो जो इक इल्ज़ाम था उस पर कहीं

तौक़ीर रज़ा

शब-ए-तारीक हूँ नूर-ए-सहर होने की ख़्वाहिश है

तौक़ीर रज़ा

मज़ा तो इश्क़ का तब है कि एक पल को सही

तौक़ीर अहमद

इस क़दर टूट कर मेरी नज़रों में न देखो वर्ना

तौक़ीर अहमद

पर्वाज़ का था शौक़ मुझे आसमान तक

ताैफ़ीक़ साग़र

नज़र नज़र से मिला कर शराब पीते हैं

तसनीम फ़ारूक़ी

इस बार हुआ कुन का असर और तरह का

तसनीम आबिदी

हमारी क़ुर्बतों में फ़ासला न रह जाए

तसनीम आबिदी

बे-तलब कर के ज़रूरत भी चली जाए अगर

तसनीम आबिदी

कौन है नेक कौन बद है यहाँ

तस्लीम इलाही ज़ुल्फ़ी

अब ख़ाना-ब-दोशों का पता है न ख़बर है

तस्लीम इलाही ज़ुल्फ़ी

जिस वक़्त नज़र पड़ती है उस शोख़ पे 'तस्कीं'

मीर तस्कीन देहलवी

क्या क्या मज़े से रात की अहद-ए-शबाब में

मीर तस्कीन देहलवी

अच्छे हैं फ़ासले के ये तारे सजाते हैं

तासीर सिद्दीक़ी

तेरी वफ़ा का हम को गुमाँ इस क़दर हुआ

तासीर सिद्दीक़ी

अच्छे हैं फ़ासले के ये तारे सजाते हैं

तासीर सिद्दीक़ी

ज़ेहन में हो कोई मंज़िल तो नज़र में ले जाऊँ

तसव्वुर ज़ैदी

कोई रखता ही नहीं फिर भी रहा करता है

तरकश प्रदीप

सिसकती मज़लूमियत के नाम

तारिक़ क़मर

ख़िज़ाँ-नसीबों पे बैन करती हुई हवाएँ

तारिक़ क़मर

जौन-एलिया से आख़री मुलाक़ात

तारिक़ क़मर

ज़ेहन पर बोझ रहा, दिल भी परेशान हुआ

तारिक़ क़मर

नज़र नज़र से मिला कर कलाम कर आया

तारिक़ क़मर

रात रो रो के गुज़ारी है चराग़ों की तरह

तारिक़ नईम

वो ख़ुद गया है उस का असर तो नहीं गया

तारिक़ नईम

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.