रास्ता Poetry (page 50)

तमाशा फिर सर-ए-बाज़ार करना

फ़य्याज़ तहसीन

मिरे घर की ईंटें चुरा ले गया वो

फ़े सीन एजाज़

क्यूँ मसाफ़त में न आए याद अपना घर मुझे

फ़ौक़ लुधियानवी

ज़िंदगी सादा वरक़ पर इक हसीं तहरीर है

फ़ातिमा वसीया जायसी

ज़मीं से रिश्ता-ए-दीवार-ओ-दर भी रखना है

फ़ातिमा हसन

प्यार जादू है किसी दिल में उतर जाएगा

फ़सीह अकमल

मुज़्तरिब दिल की कहानी और है

फ़सीह अकमल

वो भी गुमराह हो गया होगा

फ़रताश सय्यद

तिरे अद्ल के ऐवानों में

फर्रुख यार

मुझे खोल ताज़ा हवा में रख

फर्रुख यार

यूँ मुसल्लत तो धुआँ जिस्म के अंदर तक है

फ़र्रुख़ जाफ़री

कटी पहाड़ सी शब इंतिज़ार करते हुए

फ़र्रुख़ जाफ़री

उजड़े नगर में शाम कभी कर लिया करें

फ़ारूक़ शफ़क़

ग़म की चादर ओढ़ कर सोए थे क्या

फ़ारूक़ नाज़की

ये गर्द-ए-राह ये माहौल ये धुआँ जैसे

फ़ारूक़ मुज़्तर

किसी की राह में 'फ़ारूक़' बर्बाद-ए-वफ़ा हो कर

फ़ारूक़ बाँसपारी

दिल-ए-ईज़ा-तलब ले तेरा कहना कर लिया मैं ने

फ़ारूक़ बाँसपारी

ये वक़्त ज़िंदगी की अदाएँ भी ले गया

फ़ारूक़ अंजुम

मैं मो'तबर हूँ इश्क़ मिरा मो'तबर नहीं

फ़ारूक़ अंजुम

जब भी मिला वो टूट के हम से मिला तो है

फ़ारूक़ अंजुम

नई मंज़िल का जुनूँ तोहमत-ए-गुमराही है

फ़ारिग़ बुख़ारी

मैं कि अब तेरी ही दीवार का इक साया हूँ

फ़ारिग़ बुख़ारी

कुछ नहीं गरचे तिरी राहगुज़र से आगे

फ़ारिग़ बुख़ारी

जंगल उगा था हद्द-ए-नज़र तक सदाओं का

फ़ारिग़ बुख़ारी

इज़हार-ए-अक़ीदत में कहाँ तक निकल आए

फ़ारिग़ बुख़ारी

हुए हैं सर्द दिमाग़ों के दहके दहके अलाव

फ़ारिग़ बुख़ारी

ये ज़मीं ख़्वाब है आसमाँ ख़्वाब है

फ़रहत शहज़ाद

हयात को तिरी दुश्वार किस तरह करता

फ़रहत शहज़ाद

ये क्यूँ कहते हो राह-ए-इश्क़ पर चलना है हम को

फ़रहत नदीम हुमायूँ

नहीं होती है राह-ए-इश्क़ में आसान मंज़िल

फ़रहत नदीम हुमायूँ

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.