रंग Poetry (page 25)

तेरी तख़्लीक़ तिरा रंग हवाला था मिरा

शहनवाज़ ज़ैदी

सभी रास्ते तिरे नाम के सभी फ़ासले तिरे नाम के

शहनवाज़ ज़ैदी

पहले जैसा नहीं रहा हूँ

शहनवाज़ ज़ैदी

हर किसी ख़्वाब के चेहरे पे लिखूँ नाम तिरा

शहनवाज़ ज़ैदी

दरीचा आइने पर खुल रहा है

शहनवाज़ ज़ैदी

इक हुजूम-ए-गिर्या की हर नज़र तमाशाई

शाहिदा तबस्सुम

है मिरा रंग-ए-सुख़न रंग-ए-बयाँ कुछ मुख़्तलिफ़

शाहिदा लतीफ़

वहशतों को भी अब कमाल कहाँ

शाहिदा हसन

तेरी मर्ज़ी के ख़द-ओ-ख़ाल में ढलता हुआ मैं

शाहिद ज़की

बस रूह सच है बाक़ी कहानी फ़रेब है

शाहिद ज़की

आँखों में है पर आँख ने देखा नहीं अभी

शाहिद शैदाई

ज़ेहन में लगता है जब ख़ुश-रंग लफ़्ज़ों का हुजूम

शाहिद मीर

मजमा' मिरे हिसार में सैलानियों का है

शाहिद मीर

इक सब्ज़ रंग बाग़ दिखाया गया मुझे

शाहिद मीर

रंग बे-रंग हुआ डूब गईं आवाज़ें

शाहिद माहुली

जो मिरी पुश्त में पैवस्त है उस तीर को देख

शाहिद कमाल

जो इस चमन में ये गुल सर्व-ओ-यासमन के हैं

शाहिद कमाल

तिरी थकी हुई आँखों में ख़्वाब था कि नहीं

शाहिद कलीम

सियाह सफ़्हा-ए-हस्ती पे मैं उभर न सका

शाहिद कलीम

लहू का दाग़ न था ज़ख़्म का निशान न था

शाहिद कलीम

जलती बुझती हुई शम्ओं का धुआँ रहता है

शाहिद कलीम

रेत की लहरों से दरिया की रवानी माँगे

शाहिद कबीर

पाया नहीं वो जो खो रहा हूँ

शाहिद कबीर

हर आइने में बदन अपना बे-लिबास हुआ

शाहिद कबीर

रात भी बाक़ी है सहबा भी शीशा भी पैमाना भी

शाहिद इश्क़ी

फिर उसी शोख़ की तस्वीर उतर आई है

शाहिद इश्क़ी

मिरे क़रीब से गुज़रा इक अजनबी की तरह

शाहिद इश्क़ी

किस किस के आँसू पूछोगे और किस किस को बहलाओगे

शाहिद इश्क़ी

हर मर्ग-ए-आरज़ू का निशाँ देर तक रहा

शाहिद इश्क़ी

इस रंग बदलती दुनिया में पहचान बड़ी ही मुश्किल है

शाहिद ग़ाज़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.