सबसे Poetry (page 39)

वीरानियों के ख़ार तो फूलों की छुवन भी

सौरभ शेखर

संजीदगी की ख़ास ज़रूरत तो है नहीं

सौरभ शेखर

पानी में कंकर बरसाया करते थे

सौरभ शेखर

घर के बाहर भी तो झाँका जा सकता है

सौरभ शेखर

गर कीजिए इंसाफ़ तो की ज़ोर वफ़ा मैं

मोहम्मद रफ़ी सौदा

मिज़ाज-ए-दर्द को सब लफ़्ज़ भी क़ुबूल न थे

सऊद उस्मानी

कुछ और भी दरकार था सब कुछ के अलावा

सऊद उस्मानी

नज़र के भेद सब अहल-ए-नज़र समझते हैं

सऊद उस्मानी

दीवार पे रक्खा हुआ मिट्टी का दिया मैं

सऊद उस्मानी

अजीब ढंग से मैं ने यहाँ गुज़ारा किया

सऊद उस्मानी

फ़ता-कल्लमू तअ'रफू

सत्यपाल आनंद

दश्त-ए-तन्हाई में हम ख़ाक उड़ा देते हैं

सत्य नन्द जावा

शहर-ए-ग़फ़लत के मकीं वैसे तो कब जागते हैं

सत्तार सय्यद

ज़िंदगी के सब उभरते और ढलते ज़ाविए

सरवत मुख़तार

ज़ौक़-ए-सुख़न को अब तो तेरे आग लगाना अच्छा है

सरवर नेपाली

ज़मानों से दर-ए-इम्कान पर रक्खे हुए हैं

सरवर अरमान

इन आँखों में कई सपने कई अरमान थे लेकिन

सरवर अरमान

इक अजब कैफ़ियत-ए-होश-रुबा तारी थी

सरवर अरमान

कम-अयारी ने ख़ुदा-सोज़ बनाया ऐसा

सरवर आलम राज़

वक़्त के हाथों हिकायात-ए-अना भूल गए

सरवर आलम राज़

जिस क़दर शिकवे थे सब हर्फ़-ए-दुआ होने लगे

सरवर आलम राज़

ढूँडते ढूँडते ख़ुद को मैं कहाँ जा निकला

सरवर आलम राज़

पेपर-वेट

सरवत हुसैन

एक पुल बनाया जा रहा है

सरवत हुसैन

चाहत

सरवत हुसैन

मुंहदिम होती हुई आबादियों में फ़ुर्सत-ए-यक-ख़्वाब होते

सरवत हुसैन

लहर-लहर आवारगियों के साथ रहा

सरवत हुसैन

जंगल में कभी जो घर बनाऊँ

सरवत हुसैन

इक रोज़ मैं भी बाग़-ए-अदन को निकल गया

सरवत हुसैन

तेरे लिए ईजाद हुआ था लफ़्ज़ जो है रा'नाई का

सरताज आलम आबिदी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.