रेगिस्तान Poetry (page 37)

ये दुनिया है उसे दार-उल-फ़ितन कहना ही पड़ता है

अर्श मलसियानी

ताज-ए-ज़र्रीं न कोई मसनद-ए-शाही माँगूँ

अरमान नज्मी

कभी तो आ के मिलो मेरा हाल तो पूछो

अरमान नज्मी

गिरते उभरते डूबते धारे से कट गया

अरमान नज्मी

बुझी नहीं अभी ये प्यास भी ग़नीमत है

अरमान नज्मी

अपनी सच्चाई का आज़ार जो पाले हुए हैं

अरमान नज्मी

ये दिन

आरिफ़ा शहज़ाद

जब भी दुश्मन बन के इस ने वार किया

आरिफ़ शफ़ीक़

हमें नज़दीक कब दिल की मोहब्बत खींच लाती है

आरिफ़ शफ़ीक़

ज़िंदगी यूँ करें बसर कब तक

आरिफ़ इशतियाक़

उस गली से मिरे गुज़रने तक

आरिफ़ इमाम

तिरे बाज़ूओं का सहारा तो ले लूँ मगर उन में भी रच गई है थकन

आरिफ़ अब्दुल मतीन

तिरे बाज़ुओं का सहारा तो ले लूँ मगर इन में भी रच गई है थकन

आरिफ़ अब्दुल मतीन

रूह के जलते ख़राबे का मुदावा भी नहीं

आरिफ़ अब्दुल मतीन

मैं जिस को राह दिखाऊँ वही हटाए मुझे

आरिफ़ अब्दुल मतीन

ढूँढता हूँ सर-ए-सहरा-ए-तमन्ना ख़ुद को

आरिफ़ अब्दुल मतीन

चाँद मेरे घर में उतरा था कहीं डूबा न था

आरिफ़ अब्दुल मतीन

तमन्नाएँ जवाँ थीं इश्क़ फ़रमाने से पहले

अक़ील नोमानी

पियो कि मा-हसल-ए-होश किस ने देखा है

अनवर शऊर

ऐसे देखा है कि देखा ही न हो

अनवर शऊर

दर्द बढ़ता ही रहे ऐसी दवा दे जाओ

अनवर मसूद

कहाँ तक दूर रह पाऊँगा ख़ुद से

अनवर ख़ान

उस की सूरत उस की आँखें उस का चेहरा भूल गए

अनवार हबीब

जुर्म ठहरा हाल से आगे का नक़्शा देखना

अनसर अली अनसर

गुज़र रहे हैं गुज़रने वाले

अंजुम रूमानी

नहीं नाम-ओ-निशाँ साए का लेकिन यार बैठे हैं

अंजुम रूमानी

किस ने दी मुझ को सदा कौन-ओ-मकाँ के उस तरफ़

अंजुम नियाज़ी

तोड़ कड़ियाँ ज़मीर कि 'अंजुम'

अंजुम लुधियानवी

मिरे जुनूँ को हवस में शुमार कर लेगा

अंजुम ख़लीक़

कहो क्या मेहरबाँ ना-मेहरबाँ तक़दीर होती है

अंजुम ख़लीक़

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.