शहर Poetry (page 25)

नुक़ूश-ए-रहगुज़र-ए-शौक़ सब मिटा देना

शाहिद इश्क़ी

लाए तो नक़्द-ए-जाँ सर-ए-बाज़ार क्या कहें

शाहिद इश्क़ी

लब तक जो न आया था वही हर्फ़-ए-रसा था

शाहिद इश्क़ी

कुछ अपनी बात कहो कुछ मिरी सुनो मत सो

शाहिद इश्क़ी

जिस को चाहा था न पाया जो न चाहा था मिला

शाहिद इश्क़ी

जिस को चाहा था न पाया जो न चाहा था मिला

शाहिद इश्क़ी

ग़म का कोई तो हल तलाश करें

शाहिद फ़रीद

साज़-ए-दिल साज़-ए-जुनूँ साज़-ए-वफ़ा कुछ भी नहीं

शाहिद भोपाली

यूँ तो इस बज़्म में अपने भी हैं बेगाने भी

शाहिद अख़्तर

आप के इज़्न-ए-मुलाक़ात से जी डरता है

शाहिद अख़्तर

यूँ देखने को देखते रहते हैं ख़्वाब लोग

शाहिद अहमद शोएब

वो बे-नियाज़ शब-ओ-रोज़-ओ-माह-ओ-साल गया

शाहिद अहमद शोएब

ज़रूरत क्या है

शाहीन मुफ़्ती

मिसाल-ए-संग-ए-तपीदा जड़े हुए हैं कहीं

शाहीन मुफ़्ती

शहर-ए-ख़ूबाँ से जो हम अब भी गुज़र आते हैं

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

दुनिया ने बस थका ही दिया काम कम हुए

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

दिल जहाँ भी डूबा है उन की याद आई है

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

चेहरों में नज़र आएँ आँखों में उतर जाएँ

शाहीन ग़ाज़ीपुरी

अहल-ए-दुनिया के लिए ये माजरा है मुख़्तलिफ़

शाहीन बद्र

मिरे बनने से क्या क्या बन रहा था

शाहीन अब्बास

ख़ुद में उतरें तो पलट कर वापस आ सकते नहीं

शाहीन अब्बास

पराए शहर में ख़ुशबू तलाश लेते हैं

शाहबाज़ रिज़्वी

ये कार-ए-बे-समराँ मुझ से होने वाला नहीं

शहबाज़ ख़्वाजा

कड़े हैं हिज्र के लम्हात उस से कह देना

शहबाज़ ख़्वाजा

तस्ख़ीर-ए-फ़ितरत के बअ'द

शहाब जाफ़री

सूरज का शहर

शहाब जाफ़री

क़ैद-ए-इम्काँ से तमन्ना थी गमीं छूट गई

शहाब जाफ़री

मैं ही मैं बिखरा हुआ हूँ राह-ता-मंज़िल तमाम

शहाब जाफ़री

हयात में भी अजल का समाँ दिखाई दे

शहाब जाफ़री

मेरा शहर

शहाब अख़्तर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.