सूरज Poetry (page 7)

ज़िंदगी रैन-बसेरे के सिवा कुछ भी नहीं

शेर अफ़ज़ल जाफ़री

आसमाँ तुझ से किनारा कहीं करना है मुझे

शहज़ाद रज़ा लम्स

ज़हर-ए-शब वीरान बिस्तर ऐ ख़ुदा

शहपर रसूल

बयाज़ें खो गई हैं

शीन काफ़ निज़ाम

कभी जंगल कभी सहरा कभी दरिया लिख्खा

शीन काफ़ निज़ाम

तिरे ख़याल को भी फ़ुर्सत-ए-ख़याल नहीं

शाज़िया अकबर

ज़ख़्म सीने का फिर उभर आया

शायान क़ुरैशी

शाम के ढलते सूरज ने ये बात मुझे समझाई है

शायान क़ुरैशी

हज़ारों मुश्किलें हैं और लाखों ग़म लिए हैं हम

शायान क़ुरैशी

याद

शौकत परदेसी

ये कुछ बदलाव सा अच्छा लगा है

शारिक़ कैफ़ी

बड़ा है दुख सो हासिल है ये आसानी मुझे

शारिक़ कैफ़ी

ख़्वाब ऐसा भी नज़र आया है अक्सर मुझ को

शारिक़ जमाल

देख न पाया जिस पैकर को वादों की अँगनाई में

शारिक़ जमाल

अधूरा जिस्म लिए पीछे हट रहा हूँ मैं

शारिक़ जमाल

ज़ुल्म करते हुए वो शख़्स लरज़ता ही नहीं

शारिब मौरान्वी

पहुँच गया था वो कुछ इतना रौशनी के क़रीब

शारिब मौरान्वी

सुर्ख़ सीधा सख़्त नीला दूर ऊँचा आसमाँ

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

महफ़िल का नूर मरजा-ए-अग़्यार कौन है

शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

जो चाहते हो कि मंज़िल तुम्हारी जादा हो

शम्स तबरेज़ी

डूबता हुआ सूरज दे गया सज़ा ऐसी

शम्स रम्ज़ी

ये अर्ज़-ओ-समा क़ुलज़ुम-ओ-सहरा मुतहर्रिक

शम्स रम्ज़ी

नींद आँखों में समो लूँ तो सियह रात कटे

शमीम तारिक़

इस से पहले कि चराग़ों को वो बुझता देखे

शमीम रविश

दूर तक फैली हुई है तीरगी बातें करो

शमीम रविश

तीरगी चाँद को इनआम-ए-वफ़ा देती है

शमीम हनफ़ी

शाम के साहिल पे सूरज का सफ़ीना आ लगा

शमीम हनफ़ी

फिर लौट के इस बज़्म में आने के नहीं हैं

शमीम हनफ़ी

लक़ड़हारे तुम्हारे खेल अब अच्छे नहीं लगते

शमीम हनफ़ी

हिज्र का क़िस्सा बहुत लम्बा नहीं बस रात भर है

शमीम हनफ़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.